कुत्ते के छह बच्चों को पीट-पीटकर मार डाला, दो के खिलाफ एफआईआर
गाजियाबाद। नगर कोतवाली क्षेत्र के प्रेमपुरी में कुत्ते के छह बच्चों को डंडों से पीटकर मार दिया गया। मामले में पीएफए (पीपुल फॉर एनिमल) की जिलाध्यक्ष सुरभि रावत ने दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। सुरभि रावत का आरोप है कि आरोपियों ने कुत्तों की हत्या के बाद उन्हें बोरे में बंद करके फेंक दिया। पुलिस ने पशु चिकित्सकों को बुलाकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुत्ते के बच्चों की प्राकृतिक मौत होने की पुष्टि हुई है।
पीएफए की जिलाध्यक्ष सुरभि रावत ने बताया कि प्रेमपुरी में कुत्ते के छह बच्चों का जन्म कुछ दिन पहले ही हुआ था। कॉलोनी की एक युवती उन्हें दूध पिलाती थी। एक दिन युवती ने उन्हें बताया कि कॉलोनी में रहने वाले सुनील पंडित और सुमित भाटिया ने डंडों से पीट-पीटकर कुत्ते के छह बच्चों को मौत के घाट उतार दिया है। युवती की बातें सुनकर वह सन्न रह गईं। वह मामले का पता लगाने के लिए मौके पर पहुंची। वहां पता चला कि कुत्ते के मृत बच्चों को बोरे में बंद करके सुनसान जगह फेंक दिया है। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने पशु चिकित्सकों को बुलाकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
पीएफए अध्यक्ष से अभद्रता, मोबाइल छीनने की कोशिश
सुरभि रावत का कहना है कि जिस जगह कुत्ते के बच्चों को फेंका गया था, वह वहां पहुंच गईं। वह घटनास्थल की वीडियो बनाने लगीं। उन्होंने आरोपी सुनील पंडित और सुमित भाटिया को भी बुला लिया। आरोप है कि कुत्ते के बच्चों को मारने का कारण पूछने पर दोनों तैश में आ गए। उन्होंने अभद्रता करते हुए उनका मोबाइल छीनने की कोशिश भी की। सुरभि रावत का कहना है कि उनके मोबाइल में आरोपियों की हरकत कैद हो गई है।
मेनका गांधी के फोन केबाद दर्ज हुआ केस
सुरभि रावत का कहना है कि उन्होंने कार्रवाई के लिए नगर कोतवाली में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने पीएफए की चेयरपर्सन मेनका गांधी को सूचना दी। उन्होंने एसएसपी गाजियाबाद से फोन पर वार्ता की। इसके बाद एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई।
न डंडों से मारा, न जहर दिया
सीओ प्रथम अभय कुमार मिश्र का कहना है कि सुरभि रावत की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुत्ते के बच्चों की प्राकृतिक मौत होने की पुष्टि हुई है। न तो उन्हें डंडों से पीटा गया और न ही जहर देकर मारा। वहीं, पीएफए की जिलाध्यक्ष ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद कुत्ते के बच्चों को राजनगर एक्सटेंशन में नंदी गोशाला के बराबर में स्थित संस्था की जगह पर दफना दिया गया।