ट्रेन चालक की चिट्ठी ने खोल दिया युवती से दुष्कर्म और हत्या का राज
गाजियाबाद/मसूरी। चार दिन पहले मसूरी में आध्यात्मिक नगर हॉल्ट के पास रेलवे ट्रैक पर युवती का शव मिलने केमामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, दुष्कर्म से गर्भवती होने पर युवती के प्रेमी परवेज निवासी मयूर विहार मसूरी ने ही उसे ट्रेन के आगे धक्का देकर मौत के घाट उतारा था। पुलिस ने परवेज के अलावा असलम निवासी डासना और आकाश नगर मयूर विहार निवासी हसीन को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में तीनों ने युवती से शारीरिक संबंध होने की बात कबूल की है। पुलिस का कहना है कि युवती के पेट में मिले भ्रूण का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।
एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा के मुताबिक गत 30 जनवरी को युवती की बड़ी बहन की डिलीवरी हुई थी, लिहाजा परिवार के सभी लोग अस्पताल में थे। युवती घर पर अकेली थी। इसी बीच रात करीब सवा दो बजे उसके प्रेमी परवेज ने बातचीत के बहाने उसे घर से बाहर बुलाया। बात करते-करते दोनों रेलवे ट्रैक के पास पहुंच गए। वहां युवती ने परवेज से उसके द्वारा गर्भवती होने की बात कहते हुए शादी का दबाव डाला। इस पर परवेज ने पीछा छुड़ाने की ठान ली। इसी बीच ट्रेन आ गई और परवेज ने युवती को ट्रेन के आगे धकेल दिया और भाग गया। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर परवेज के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया था।
लोको पायलट की सूचना से खुला राज
युवती के परिजन हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस की जांच की सुईं आत्महत्या पर ही अटकी थी। इसी बीच पुलिस को ट्रेन के लोको पायलट का सूचना मीमो मिला। जिसमें उसने जिक्र किया था कि संभवत: पति-पत्नी आपस में झगड़ रहे थे। इसी बीच पति ने पत्नी को ट्रेन के आगे धक्का दे दिया। लोको पायलट की सूचना पर पुलिस ने जांच की तो हत्या की बात पुष्टी हो गई।
पेट में किसका बच्चा था, जानने को होगा डीएनए टेस्ट
एसपी ग्रामीण के मुताबिक, परवेज के अलावा असलम और हसीन ने भी युवती से शारीरिक संबंध होने की बात कबूली है। युवती करीब तीन माह की गर्भवती थी। युवती के पेट में पल रहा भ्रूण किसका था, इसकी जांच के लिए तीनों आरोपियों का सैंपल लेकर भ्रूण का मिलान कराया जाएगा। एसपी ग्रामीण ने बताया कि आत्महत्या के लिए मजबूर करने के केस को हत्या, दुष्कर्म और गर्भपात की धाराओं में तरमीम कर दिया गया है।