फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आंदोलन : प्रशासन डटा, किसान अड़े

विज्ञापन
विज्ञापन
आंदोलन : प्रशासन डटा, किसान अड़े
विज्ञापन

गाजियाबाद। आंदोलन स्थल पर दिन भर समीकरण बड़ी तेजी से बदलते दिखे। एक तरफ बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स को तैनात कर प्रशासन ने आंदोलन पर बैठे किसानों को संदेश देने का प्रयास किया कि अब सख्ती से धरना खत्म कराया जाएगा तो वहीं मंच से किसान नेताओं ने भी एलान कर दिया कि हर कीमत पर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रहेगा। पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला तो किसानों ने मंच से दोहराया कि कृषि कानून वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं। देर रात तक छावनी में तब्दील गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन खत्म कराने की जद्दोजहद के बीच पुलिस और प्रशासन के सीनियर अधिकारी और किसान आमने-सामने डटे रहे।
सुबह से रात तक दोनों पक्ष मजबूती के साथ मोर्चे पर डटे रहे। फोर्स की तरफ से आंदोलन स्थल की मोर्चेबंदी की गई तो किसानों ने भी एकजुट होकर आंदोलन को आगे बढ़ाने का एलान किया। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी सुबह से लेकर शाम तक कोशिश में रहा कि किसानों की तरफ से कोई ऐसी कोशिश हो जिसका हवाला देकर आंदोलन को खत्म कराया जाए लेकिन किसान भी डटे रहे। इस बीच कई दौर की वार्ता भी हुई लेकिन सब बेनतीजा रही। शाम होते हुए अचानक से आंदोलन में उबाल आया। पुलिस फोर्स की संख्या बढ़ने पर लगा कि अब आंदोलन खत्म हो जाएगा। सुलह की कोशिशें सही रास्ते पर जा रही थी लेकिन अचानक से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर के पहुंचने के बाद आंदोलन स्थल की तस्वीर बदल गई। टिकैत ने मंच से आंदोलन का ऐलान किया कि अब कोई वार्ता नहीं होगी।
विज्ञापन

सभी थानों की पुलिस को बुलाया गया यूपी गेट
सुबह में पुलिस कंट्रोल रूम की तरफ से सभी थानों को मेसेज दिया गया कि बॉडी प्रोटेक्टर व हेलमेट के साथ तैयार रहें। सभी को कौशांबी थाने पहुंचने का अलर्ट मेसेज जारी किया गया। थानाध्यक्षों ने अपने थानों के व्हाट्सएप ग्रुप में मेसेज भेज कर तैयार रहने को कहा गया। मेसेज में कहा गया कि कौशांबी थाने पहुंचने से 14 मिनट पहले सभी को सूचना दी जाएगी। इसके बाद दोपहर में मेसेज भेजकर सभी को कौशांबी थाने बुलाया गया।
दो हिस्सों में बटा आंदोलन स्थल
सुबह से ही आंदोलन स्थल दो हिस्सों में बंटा हुआ दिखा। बृहस्पतिवार को आंदोलन स्थल का नजारा अचानक से अन्य दिनों के मुकाबले बदला हुआ था। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर एक तरफ किसानों को मंच चलता रहा तो दूसरी तरफ भारी पुलिस फोर्स की तैनाती की गई। कई बार पुलिस फोर्स की तरफ से फ्लैग मार्च किया गया। किसानों ने भी मंच से आंदोलन जारी रखा। पूरे दिन एक तरफ किसान डटे रहे तो दूसरी तरफ पुलिस व फोर्स।
दिल्ली पुलिस पहुंची नोटिस लेकर
सुबह के वक्त फ्लैग मार्च के बाद दिल्ली पुलिस ने भी धरनास्थल पर पहुंची। दिल्ली पुलिस ने किसानों के कैंपों के बाहर गिरफ्तारी का नोटिस चस्पा किया। इस दौरान भाकियू नेता राकेश टिकैत कैंप में ही डटे रहे। उन्होंने पुलिस से कहा कि वो नोटिस व्हाट्सएप कर दें। नोटिस चस्पा होने के बाद राकेश टिकैत ने कहा कि वकील की तरफ से नोटिस का जवाब दे दिया जाएगा। उसके कुछ देर बाद ही पुलिस की टीम नोटिस चस्पा कर लौट गई।
बिजली काटी, पानी के टैंकर भी हटाए
आंदोलन खत्म कराने के लिए प्रशासन की तरफ से हर स्तर से जोर आजमाइश का जोर चलता रहा। बुधवार रात को धरना स्थल की बिजली काटे जाने के बाद पुलिस व प्रशासन की तरफ से पानी की सप्लाई बंद कर दी गई। सामान्य दिनों में खोड़ा नगर पालिका और नगर निगम की तरफ से नियमित रूप से पानी के टैंकर भेजते रहते थे लेकिन बृहस्पतिवार को टैंकर हटा लिए गए। आंदोलन में शामिल लोग पानी लेने के लिए पहुंचे तो नगर निगम व पालिका के नलकूप स्टेशनों पर ताला लगा था। वहां पर मौजूदा स्टाफ ने स्टेशन का ताला खोलने से इंकार कर दिया।
सुलह की वार्ता शुरू हुई तो जगी उम्मीद
शाम आते-आते भाकियू नेता राकेश टिकैत ने सुलह के संकेत दे दिए। उन्होंने मंच से कहा कि प्रशासन अपनी मंशा बताए। अगर गिरफ्तार करना है तो गिरफ्तार करके ले जाए लेकिन जबरन आंदोलन खत्म नहीं होने दिया जाएगा। इसके बाद प्रशासन की तरफ से एडीएम सिटी धारा-133 को नोटिस लेकर पहुंचे, जिसमें कहा गया कि धरनास्थल पर उपद्रव फैलने की आशंका है। इसलिए उसे खाली कर दें। इस पर राकेश टिकैत गिरफ्तारी देने को तैयार हुए लेकिन भाजपा विधायक के धरनास्थल पर पहुंचने पर वह भड़क गए और आंदोलन जारी रखने का एलान कर दिया।
विज्ञापन

दिन भर चलता रहा वार्ता का दौर
बदलते समीकरण के बीच आंदोलन स्थल पर दिन भर मेरठ जोन के सभी अधिकारी डटे रहे। एडीजी राजीव सभरवाल, मंडलायुक्त अनीता सी मेश्राम, आईजी प्रवीण कुमार, डीएम अजय शंकर पांडेय व एसएसपी कलानिधि नैथानी आंदोलन स्थल पर जटे रहे। कई बार सभी अधिकारियों ने आंदोलन स्थल पर अकेले में जाकर वार्ता की तो दोपहर में सभी अधिकारी वार्ता करने के लिए 47वीं वाहिनी पीएससी में पहुंच गए। उसके बाद शाम को अचानक से सुलह का रास्ता टूटा तो डीएम व एसएसपी एक्सप्रेसवे पर एक किनारे खड़े होकर वार्ता करते हुए नजर आए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें