प्रवेश रद्द होने पर छात्रों का हंगामा, पुलिस ने बरसाईं लाठी
गाजियाबाद। सीसीएसयू के एमएमएच डिग्री कॉलेज में एलएलबी के 220 दाखिले रद्द किए जाने पर सोमवार को छात्र संगठनों ने हंगामा किया। एनवक्त पर एलएलबी के प्रवेश रद्द होने से नाराज एबीवीपी व भारतीय क्रांतिकारी समिति के बैनर तले छात्रों ने विवि के साथ कॉलेज प्रशासन को घेरा। समाजवादी छात्रसभा, एनएसयूआई, छात्र युवा संघर्ष समिति (सीवाईएसएस) ने भी तमाम छात्रों के साथ मिलकर विवि, केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामे और प्रदर्शन के बीच पुलिस बल तैनात किया गया। अचानक प्रदेश व केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी होते देख सीओ प्रथम अभय कुमार मिश्र ने प्रदर्शन कर रहे छात्रसभा कार्यकर्ताओं से आईकार्ड मांगा लिया। इस पर नारेबाजी के साथ धक्कामुक्की होते ही पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कई छात्रों को चोटें आईं।
लाठीचार्ज के बाद सरकार विरोधी नारेबाजी करने वाले समाजवादी छात्रसभा के नेता विपिन नागर को पुलिसकर्मी कॉलेज परिसर से घसीटते हुए ले गए। लाठीचार्ज में कई छात्रों के चोट आने के साथ पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अमन नागर, एनएसयूआई के शेखर कुमार ने पुलिस पर बदसलूकी करने का आरोप लगाया। अपने नेता की गिरफ्तारी पर समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ता भड़क गए। कॉलेज परिसर में पिताजी महाराज की मूर्ति के सामने एकत्र हुए छात्रसभा, एनएसयूआई, सीवाईएसएस के कार्यकर्ताओं व छात्रों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ फिर नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा बढ़ते ही पूरा कॉलेज छावनी में तब्दील हो गया। नारेबाजी कर रहे छात्रों को सीओ प्रथम के साथ कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर डॉ. संजय सिंह ने समझाने का प्रयास किया। गिरफ्तार छात्रनेता को छोड़ने के आश्वासन और राज्यपाल के नाम ज्ञापन लेने के बाद छात्रों का गुस्सा शांत हुआ।
एबीवीपी ने दिया 25 जनवरी तक का वक्त
संयुक्त छात्र संघर्ष मोर्चा के बैनर तले जुटे विभिन्न छात्र संगठन सोमवार को आंदोलन शुरू होने के कुछ घंटे के भीतर अलग-अलग हो गए। सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू होते ही एबीवीपी ने संयुक्त संघर्ष मोर्चा से खुद को अलग कर लिया। बड़ी संख्या में जुटे परिषद कार्यकर्ताओं ने कैंपस में अलग जगह एकत्र होकर विवि व कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कॉलेज प्राचार्य व चीफ प्रॉक्टर के समझाने व 25 जनवरी तक का समय मांगने पर परिषद पदाधिकारी राजी हो गए। हंगामे में परिषद की ओर से राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य काजल त्यागी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष भीष्म सिंह, पंकज कसाना, नितिन शर्मा, संदीप ठाकुर, अमन कौशिक, सन्नी सिंह, साक्षी त्यागी, ज्योति ठाकुर, प्रिया तिवारी, अनुज ठाकुर, उदयन प्रभात, अंश दुबे, सुमित ठाकुर सहित आदि मौजूद रहे।
आज वीसी से मिलेंगे सपा छात्रसभा के पदाधिकारी
समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने आंदोलन को जारी रखने की बात कही है। उनका कहना है कि मंगलवार को संगठन का प्रतिनिधिमंडल विवि में वीसी से मिलकर अपनी मांगों को रखेगा। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अमन नागर व छात्रनेता रोहित सिंह बैसोया ने कहा कि छात्रों के साथ हुए अन्याय को लेकर मंगलवार से मिलने का कार्यक्रम है। इसमें मेरठ से भी संगठन से जुड़े पदाधिकारी शामिल रहेंगे। अब संगठन मांगे माने जाने तक लगातार आंदोलन जारी रखेगा। इस मौके पर छात्रनेता विकास सिंह, विपिन नागर, प्रभांशु नागर, अजय यादव, दुष्यंत गौतम, रिजवान अली, लुकमान चौधरी, सचिन विमल, दीपक, मोहम्मद जुनैद, अभय, प्रदीप सहित आदि छात्र मौजूद रहे।
विवि के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट गया एमएमएच
एमएमएच कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एमके जैन ने कहा कि कॉलेज की प्रवेश प्रक्रिया विवि द्वारा संचालित होती है। विवि की ओर से एडमिशन पोर्टल खोलने व कॉलेज का नाम शामिल करने के बाद छात्रों ने एलएलबी में पंजीकरण कराया। विवि ने 445 विद्यार्थियों की मेरिट लिस्ट जारी की। छात्रों को मेसेज, ऑफर लेटर के आधार पर कॉलेज प्रशासन ने शैक्षिक दस्तावेज जांचने के साथ फीस जमा की। अगर कॉलेज को एलएलबी की मान्यता नहीं थी तो विवि ने पोर्टल खोलने के बाद मेरिट लिस्ट क्यों जारी की। विवि अनावश्यक रूप से बच्चों को परेशान कर रहा है। बीसीआई (बार काउंसिल ऑफ इंडिया) से कॉलेज को मान्यता है। अब कॉलेज ने हाईकोर्ट का रुख किया है। बीते दिनों हाईकोर्ट में अवकाश होने से सोमवार को याचिका दाखिल की है। उम्मीद है कि जल्द निर्णय आएगा।
छात्र नेता बोले
एलएलबी की सीटें कैंसिल होने के मामले में विवि के साथ कॉलेज प्रशासन भी दोषी है। प्रदर्शन के बाद समस्या के समाधान के लिए कॉलेज प्रशासन ने 25 जनवरी तक का वक्त मांगा है। अगर एलएलबी के दाखिले बहाल नहीं होते हैं तो परिषद बेमियादी आंदोलन शुरू करेगा।
काजल त्यागी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, एबीवीपी
प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हैं। एलएलबी की रद्द सीटों पर फिर से प्रवेश होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। मंगलवार को विश्वविद्यालय के कुलपति से मिलकर अपनी मांगों को उठाया जाएगा। उसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी
रोहित सिंह बैसोया, छात्र नेता, समाजवादी छात्रसभा
प्रवेश की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर उनके साथ बदसलूकी की है। प्रदेश में शिक्षा माफिया का गठजोड़ है। छात्र किसी के दबाव में झुकने वाले नहीं है। आंदोलन लगातार जारी रखा जाएगा और छात्र हितों के लिए लंबी लड़ाई लड़ी जाएगी।
अमन नागर, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, एमएमएच कॉलेज
छात्र बोले-घसीटकर कोतवाली ले गए पुलिसकर्मी
प्रवेश निरस्त करने पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जा रहा था। कॉलेज प्रशासन के इशारे पर मौजूद पुलिस ने उनके साथ व अन्य छात्रों पर लाठियां चलाने के साथ गालियां दी। पुलिस मारपीट कर घसीटते हुए कोतवाली ले गए। इसी तरह की किसी भी कार्रवाई के आगे नहीं झुकूंगा।
विपिन नागर, छात्र नेता, समाजवादी छात्रसभा
विवि और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ शांति से आंदोलन किया जा रहा था। एकाएक छात्रों पर लाठियां भांजने के साथ उनको पुलिसकर्मियों ने लातों से मारा। पुलिस बल के दम पर छात्रों की आवाज दबाना ठीक नहीं है। एनएसयूआई एलएलबी की सीटें बहाल होने तक आंदोलन जारी रखेगी।
शेखर कुमार, महानगर सचिव, एनएसयूआई
कॉलेज प्रशासन के इशारे पर छात्रों पर लाठी चार्ज किया गया। लाठी लगने से हाथ में चोट आई है। छात्रहित को ध्यान में रखते हुए संगठन लगातार आंदोलन जारी रखेगा। इस तरह के लाठीचार्ज से छात्र अपने आंदोलन को नहीं रोकने वाले हैं, बल्कि अब आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
मोहित नागर, छात्र नेता, समाजवादी छात्रसभा
यह है पूरा मामला
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) से मान्यता पत्र प्राप्त नहीं होने का हवाला देते हुए सीसीएसयू के एमएमएच कॉलेज में हुए 220 दाखिलों को कैंसिल कर दिया था। विधिक शैक्षिक कमेटी के निर्णय के आधार पर बीसीआई ने साल 2018 और उसके बाद 2020 में उसी सर्कुलर को आगे बढ़ाते हुए सभी संस्थानों को एलएलबी कोर्स की मान्यता संबंधी अप्रूवल लेने के निर्देश दिए। बीसीआई के सर्कुलर के आधार पर ही एमएमएच सहित विश्वविद्यालय ने कई कॉलेजों को बीसीआई से मान्यता संबंधी दस्तावेज में जमा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन एमएमएच के अप्रूवल लेटर जमा नहीं किया, जिसे पर विवि ने प्रवेश रद्द कर दिए।