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सीओ बोले- मुझे लोनी के माफिया इंस्पेक्टर से बचाओ

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सीओ बोले- मुझे लोनी के माफिया इंस्पेक्टर से बचाओ
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गाजियाबाद। ट्रांसफर पोस्टिंग में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद गाजियाबाद पुलिस एक बार फिर चर्चा में है। गाजियाबाद से ट्रांसफर होकर महोबा जनपद में जा चुके कोरोना संक्रमित लोनी के पूर्व सीओ राजकुमार पांडेय ने सोशल मीडिया पर ऑडियो-वीडियो वायरल कर लोनी के मौजूदा एसएचओ बिजेंद्र भड़ाना को माफिया बताते हुए उन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। यहां तक कि उन्हें दुष्कर्मी बताया है। सीओ ने आरोप लगाया है कि लोनी एसएचओ माफिया हैं और उन्हें जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने खुद को बचाने की गुहार लगाई है। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीओ का तबादला सामान्य प्रक्रिया के तहत हुआ है। प्रदेश में डिप्टी एसपी स्तर के अन्य अधिकारियों के तबादले के साथ उनका भी तबादला हुआ था। फिर भी सीओ के आरोपों को देखते हुए मामले की जांच सीओ क्राइम को सौंप दी गई है। उधर, दिन में सनसनीखेज आरोप लगाने वाले सीओ शाम को बचाव की मुद्रा में आ गए। उन्होंने व्हाट्सएप ग्रुप पर ये लिखकर सफाई देने की कोशिश की कि उन्होंने भावावेश में आकर आरोप लगाए थे। वरिष्ठ अधिकारियों ने उनकी बात को गंभीरता से लिया है। उन्हें एसएसपी से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन इंस्पेक्टर पर लगाए आरोपों पर वह अडिग हैं।
बुधवार को तमाम व्हाट्सएप ग्रुप पर कुछ ऑडियो क्लिप और एक महिला की वीडियो क्लिप वायरल हुई। यह सभी क्लिप लोनी के पूर्व सीओ राजकुमार पांडेय द्वारा वायरल की गई थीं। क्लिप के साथ डाले गए टेक्स्ट मैसेज में सीओ ने लोनी इंस्पेक्टर भड़ाना पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उन्हें दुष्कर्मी तक लिखा है। उन्होंने लिखा है कि यह लोनी इंस्पेक्टर का असली चेहरा है। मैसेज के अलावा वायरल ऑडियो क्लिप में सीओ का कहना है कि बिजेंद्र भड़ाना जैसे वर्दीधारी माफिया से प्लीज मेरी मदद की जाए। इसने जीडी में एंट्री करके मुझे भी जेल भेजने की धमकी दी। सीओ राजकुमार पांडेय का कहना है कि लोनी इंस्पेक्टर बिजेंद्र भड़ाना के अनैतिक कामों का मैंने सीओ लोनी में रहते विरोध किया। इस पर इंस्पेक्टर ने एसएसपी से डीओ लेटर लिखवाकर मेरा ट्रांसफर करा दिया। हाल ही में वह लोनी कोतवाली में अपने कर्मचारियों से मिलने गए थे। जिस पर इंस्पेक्टर ने उनके साथ अभद्रता की और थाने न आने की धमकी दी। उससे मुझे खतरा है।
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वीडियो में महिला बोली- इंस्पेक्टर ने की अश्लीलता..........
सीओ द्वारा वायरल की गई वीडियो में एक महिला का कहना है कि वह अपने ही एक मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर लोनी थाने गई थी। थाने के इंस्पेक्टर बिजेंद्र भड़ाना ने उससे अश्लीलता की। साथ ही, संबंध बनाने की एवज में नोटों की बरसात करने का लालच दिया। उसने किसी तरीके से एसएचओ के कमरे से भागकर अपनी जान बचाई। सीओ राजकुमार का आरोप है कि इंस्पेक्टर भड़ाना थाने में आए दिन अनैतिक कार्य करता है।
कोरोना पॉजिटिव आने पर अस्पताल में भर्ती थे सीओ............
सीओ का कहना है कोरोना पॉजिटिव आने की वजह से वह गाजियाबाद के अस्पताल में भर्ती थे। वहां कोविड-19 रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद गाजियाबाद स्थित आवास में ही रेस्ट पर हैं। उनका कहना है कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह अपने मातहत कर्मचारियों से मिलने लोनी थाने पहुंचे थे। उनका थाने आना इंस्पेक्टर को नागवार गुजरा और उनसे अभद्रता करते हुए उन्हें जेल भेजने की धमकी दी।
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आठ अगस्त को महोबा हुआ था तबादला
सीओ राजकुमार पांडेय तीन साल तक गाजियाबाद में तैनात रहे। इस दौरान वह सीओ ट्रैफिक, सीओ सदर भी रहे। उन्होंने लोनी सर्किल की कमान लगभग दो साल तक संभाली। गत आठ अगस्त को उनका तबादला महोबा जिले में हो गया था।
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रात 8.52 बजे बैकफुट पर आए सीओ
सीओ राजकुमार पांडेय देररात बैकफुट पर आ गए। उन्होंने रात 8.52 मिनट पर व्हाट्सएप ग्रुप पर एक और मैसेज डालकर सबको चौंका दिया। उसमें लिखा कि वरिष्ठ अधिकारियों ने उनकी बात को गंभीरता से लिया है। उन्हें एसएसपी से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन इंस्पेक्टर पर लगाए आरोपों पर वह अडिग हैं। उनके खिलाफ लिखित में शिकायत दे दी है। आईजी प्रवीण कुमार से उनकी बात हुई हैं उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस ने नियमावली के निर्देशों के चलते वह कोई विरोध प्रदर्शन नहीं करेंगे। उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद वह पूरी तरह संतुष्ट हैं। उन्होंने जो भी बात कही है, उस पर उन्हें कुछ नहीं कहना है।
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वर्जन...........
सीओ को लगता है कि मैंने उनका ट्रांसफर कराया है। जबकि ऐसा कोई मामला नहीं है। वह कुछ दिन पूर्व थाने आए और मुझ पर ट्रांसफर कराने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पूरी घटना थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद है। जो महिला वीडियो में उन पर आरोप लगा रही है, वह भी सीओ का ही षड्यंत्र है। ऐसी कोई महिला मेरे पास नहीं आई और न ही वह ऐसी किसी महिला को जानते हैं। मुझ पर लगाए गए आरोप गलत हैं।
- बिजेंद्र भड़ाना, एसएचओ लोनी
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कोई लिखित शिकायत नहीं
पुलिस उपाधीक्षक राजकुमार पांडेय द्वारा सोशल मीडिया पर कुछ ऑडियो व वीडियो वायरल की गई हैं। इस संबंध में मुझे जांच सौंपी गई है। राजकुमार पांडेय द्वारा अभी तक लिखित में कोई शिकायत नहीं दी गई है। तीन साल पूरे होने के चलते विभाग की रूटीन प्रक्रिया के तहत उनका ट्रांसफर हुआ था। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर रिपोर्ट तैयार कर आला अधिकारियों को भेजी जाएगी।
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- आलोक दुबे, सीओ क्राइम
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एसएसपी से मांगी है रिपोर्ट
एसएसपी गाजियाबाद से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगी गई है। एसएसपी ने एक सीनियर सीओ को मामले की जांच सौंपी है। जांच रिपोर्ट आने पर ही आरोपों की सही जानकारी होगी।
-प्रवीण कुमार, आईजी मेरठ
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