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उद्योगों का रोनाः जिले की कई ईकाइयों में बंद हुआ उत्पादन

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कोरोना संकट : जिले की कई औद्योगिक इकाईयों में बंद हुआ उत्पादन
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गाजियाबाद। कोरोना संकट से जिले के उद्योग भी जूझते दिखाई पड़ रहे हैं। खासकर इलेक्ट्रिकल और मशीनरी पार्ट्स बनाने वाले करीब 700 छोटे-बड़े उद्योगों में महीने भर से उत्पादन बंद पड़ा है। केंद्र सरकार की पाबंदी से उद्योगों की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन का दावा है कि कोरोना के चलते एमएसएमई बुरी तरह से प्रभावित है।
गाजियाबाद में एलईडी बल्ब, मोबाइल, टेलीविजन सहित अन्य इलेक्ट्रिकल आइटम बनाने की करीब 350 फैक्टरियां हैं। जबकि मशीनरी पार्ट्स बनाने की एक हजार से ज्यादा फैक्टरियां हैं। ऑटो मोबाइल पार्ट्स में इलेक्ट्रिकल वाहनों के कई पार्ट्स भी जिले की इंडस्ट्री में तैयार होकर विदेशों में भेजे जाते हैं। चीन के अलावा अन्य देशों से भी पार्ट्स की डिमांड पिछले एक महीने में 80 फीसद तक गिरी है। उद्यमियों का कहना है कि एमएसएमई की कई यूनिट में उत्पादन पूरी तरह से बंद है और जिले के उद्योगों को एक हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान आंका जा रहा है। आलम यह है कि औद्योगिक और व्यापारिक संगठन केंद्र सरकार से विशेष पैकेज की मांग कर रहे हैं।
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एक हजार करोड़ से अधिक का हो सकता है नुकसान
भविष्य में उत्पादन गिरने से बड़ा नुकसान होने की उम्मीद है। महीने भर में एक हजार करोड़ से अधिक का नुकसान अलग-अलग इंडस्ट्री को उठाना पड़ा है। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण आयात होने वाले उपकरण बंद हो चुके हैं। जिले के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के विभिन्न सेक्टरों में उत्पादन में गिरावट आई है। जिनके द्वारा चाइना से माल आयात किया जाता था। कोरोना के बाद पाबंदी से निर्यात भी मुश्किल हुआ है।
- नीरज सिंघल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
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बाजारों में भी पसरा सन्नाटा
कोरोना का असर बाजारों में भी दिख रहा है। ग्राहकों से गुलजार रहने वाले बाजारों में सन्नाटा दिख रहा है। शनिवार को शहर के विभिन्न बाजारों में ग्राहकों की चहलकदमी कम ही नजर आई।
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दोपहर 1 बजे- तुराबनगर बाजार
अंबेडकर रोड और घंटाघर को जोड़ते तुराबनगर में महिला परिधान और सौंदर्य प्रसाधन की दुकानें अधिक हैं। प्रतिदिन तीन से चार हजार ग्राहक बाजार में रहते हैं। शनिवार को बाजार में कम ही ग्राहक नजर आए।
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दोपहर 1.30 बजे- रमतेराम रोड बाजार
तुराबनगर से निकलते हुए रमतेराम रोड बाजार में शनिवार को सन्नाटा दिखाई दिया। फर्नीचर और इंटीरियर की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही कम ही रही। फर्नीचर कारोबारी अशोक भारतीय ने बताया कि पिछले दो दिनों से ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट है।
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दोपहर 2 बजे- चौपला बाजार
घरेलू उत्पादों और ज्वैलरी के लिए लोग चौपला बाजार में आते हैं। कोरोना की वजह से बाजार में ग्राहक कम हुए हैं। ज्वैलरी के आर्डर दुकानदारों को नहीं मिल रहे हैं। अप्रैल में शादियों के सीजन से पहले व्यापारी नुकसान झेल रहे हैं।
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दोपहर 2.30 बजे- सिहानी गेट बाजार
पिछले दो दिन से सिहानी गेट बाजार में ग्राहक काफी कम हुए हैं। व्यापारी अनुराग गर्ग ने बताया कि बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कोरोना के चलते कम हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों से भी ग्राहक काफी कम आ रहे हैं।
मल्टीप्लेक्स खाली, बुकिंग हो रहीं कैंसिल
कोरोना का खौफ इस कदर है कि लोग मल्टीप्लेक्स में मूवी देखने के लिए भी नहीं पहुंच रहे हैं। वीकेंड पर विभिन्न मल्टीप्लेक्स में 600 से अधिक मूवी के ऑनलाइन टिकट कैंसिल हुए हैं। वीकेंड पर भी दर्शक मल्टीप्लेक्स नहीं पहुंच रहे हैं। आपुलेंट मॉल के मीडिया कोर्डिनेटर अतीक अहमद ने बताया कि कोरोना के चलते शनिवार को मूवी के 150 टिकट कैंसिल हुए हैं। जबकि रविवार की 100 से अधिक टिकट कैंसिल हुए हैं।
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बाजार से गायब मास्क और सेनिटाइजर
बाजारों से मास्क और सेनिटाइजर गायब हो गए हैं। कारोबारी राजदेव त्यागी ने बताया कि थोक और फुटकर बाजार में मास्क और सेनिटाइजर की भारी डिमांड है। लोग एक साथ पांच-पांच सेनिटाइजर खरीद रहे हैं। आपूर्ति केे लिए दिल्ली और आसपास के शहरों से 100 से 150 पीस प्रतिदिन लेकर दुकानदार आ रहे हैं। कंपनी की सप्लाई सीएंडएफ पर काफी धीमी है। कई लोगों को मास्क नहीं मिल पा रहे हैं। खासतौर पर एन-95 मास्क की भारी किल्लत है। 50 रुपये का मास्क 150 से 200 रुपये तक में लोगों को खरीदना पड़ रहा है।
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