सॉफ्टवेयर पर होगा नामांकन, बकाएदारों को मिलेगी दो फीसदी छूट
गाजियाबाद। एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) में बिल्डर सहित अन्य बकाएदारों का नामांकन जीडीए की जगह शासन स्तर से होगा। ओटीएस स्कीम लाने के साथ ही योजना का लाभ लेने वालों के नामांकन के लिए नया सॉफ्टवेयर लांच किया जाएगा। यह सॉफ्टवेयर जनसुविधा पोर्टल के अलावा उसका लिंक जीडीए की वेबसाइट पर भी उपलब्ध होगा। शासनादेश जारी होनेे के साथ ही सॉफ्टवेयर लांच हो जाएगा। ओटीएस स्कीम के जरिए लोग दो फीसदी तक की छूट हासिल कर सकते हैं।
योजना का लाभ लेने के लिए 50 लाख से कम के बकाएदारों को आवेदन और भुगतान के साथ चार माह का वक्त दिया जाएगा। 50 लाख से अधिक के बकाएदारों को आवेदन के साथ भुगतान के लिए सात माह का वक्त दिया जाएगा। जीडीए अधिकारियों के मुताबिक ओटीएस स्कीम का शासनादेश और नामांकन के लिए सॉफ्टवेयर अगले सप्ताह तक लांच होने की संभावना जताई जा रही है। ओटीएस स्कीम में आवेदन प्रक्रिया में प्राधिकरण की भूमिका न के बराबर रहेगी। केंद्रीयकृत व्यवस्था के तहत बकाएदारों का नामांकन और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
बता दें कि जीडीए का बिल्डरों और अन्य बड़े बकाएदारों पर 450 करोड़ से अधिक का बकाया है। छोटे-बड़े बकाएदारों को दो फीसदी की छूट के साथ बकाया राशि जमा करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। ऐसे में जीडीए को योजना से करीब 225 करोड़ की आय होने की संभावना है। योजना का लाभ जीडीए के 2400 से अधिक बकाएदारों को मिलेगा। ओटीएस स्कीम से जीडीए को लाभ मिलेगा। जीडीए ने मधुबन बापूधाम योजना में किसानों को बड़ा मुआवजा देने के लिए जिला प्रशासन को करीब 1200 करोड़ का भुगतान किया है। किसानों को मुआवजा देने के लिए जीडीए ने इलाहाबाद बैंक से 800 करोड़ का लोन लिया है। ऐसे में ओटीएस स्कीम राहत लेकर आएगी।
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विकास से जुड़े प्रोजेक्ट में फंड की रुकावट होगी दूर
वैशाली से मोहननगर मेट्रो फेज-तीन कॉरिडोर की करीब 1800 करोड़ लागत होने आने की संभावना है। इस योजना में अगर शासन पुराने फंडिंग पैटर्न को ही स्वीकृति देता है तो ओटीएस स्कीम से आने वाले फंड से जीडीए को राहत मिलेगी। दूसरी ओर जीडीए की एनएच-9 को दिल्ली-मेरठ हाईवे से जोड़ने वाले नॉदर्न पेरिफेरल-वे के प्रोजेक्ट में फंड की कमी दूर हो जाएगी। इसके अलावा मधुबन बापूधाम सहित अन्य विकास कार्यों में ओटीएस से मदद मिलेगी।
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कोट...
ओटीएस योजना में बकाएदारों का नामांकन शासन स्तर से केंद्रीयकृत व्यवस्था के तहत एक सॉफ्टवेयर पर होगा। बकाया जमा करने पर बकाएदारों को दो फीसदी की छूट मिलेगी। शासनादेश आते ही सॉफ्टवेयर पर आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। - कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए