रैपिड ट्रेन के जरिए विकास को लगेंगे पंख
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ के बीच बन रहे रैपिड ट्रेन कॉरिडोर का काम वर्ष 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तैयार हो जाने के बाद रोजगार के व्यापक अवसर पैदा होने की संभावना है। खासकर दिल्ली से मेरठ के बीच वेयर हाउस, इंडस्ट्रियल व कामर्शियल हब विकसित होगा। दिल्ली से मेरठ के बीच की दूसरी 60 मिनट पर हो जाने के कारण आवागमन आसान होगा। इससे बड़ी संख्या में निवेश के आकर्षित होने के संभावना है। लोगों को आसान तरीके से आवागमन की सुविधा मिल सके। इसी उद्देश्य से सबसे व्यस्त मार्ग पर रैपिड ट्रेन के रूट का निर्माण किया जा रहा है। स्टेशनों के बीच की दूरी भी इसी वजह से कम रखी गई है, ताकि लोगों को ज्यादा पैदल न चलना पड़े। पहले चरण में रैपिड ट्रेन का लाभ गाजियाबाद को ही मिलना है। क्योंकि शुरूआत में चार स्टेशनों (साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर और दुहाई) के बीच ही ट्रेन का संचालन होना है। गुलधर में बड़ी संख्या में वेयर हाउस हैं तो साहिबाबाद में बड़ी संख्या में इंडस्ट्री। उसी तरह से दुहाई में कामर्शियल हब के लिए जमीन सुरक्षित रखी गई है। जहां पर कंपनियां अपने दफ्तर खोल सकती है। इसके अलावा जिले में मोदीनगर तक विकास के अवसर पैदा होंगे।
गाजियाबाद में पड़ने वाले स्टेशन
आनंद विहार-कौशांबी
साहिबाबाद
गाजियाबाद
गुलधर
दुहाई
मुरादनगर
मोदीनगर दक्षिण
मोदीनगर उत्तर
प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति
धरातल पर प्रोजेक्ट के ऊपर तेजी से काम हो रहा है। मेरठ तिराहे से लेकर दुहाई के बीच में करीब 200 पिलर की पाइलिंग का काम पूरा हो चुका है। दुहाई से मोदीनगर के बीच सड़क को बीच से कवर कर निर्माण का काम शुरू कर दिया गया है। उधर, मेरठ तिराहे से साहिबाबाद के बीच रूट पर तेजी से काम शुरू कर दिया गया है। 17 किलोमीटर के रूट पर टेंडर का काम पूरा हो चुका है। ट्रेन की बोगी को लेकर भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर टेंडर मांगे जा चुके हैं।