लालकुआं से डासना तक एक्सप्रेस-वे मार्च में हो जाएगा तैयार
गाजियाबाद। निर्माण कार्य पर रोक हटाए जाने के बाद से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का निर्माण तेज गति से चल रहा है। अलीगढ़ रेल लाइन ओवर ब्रिज (लाल कुआं) को छोड़ दें तो शेष हिस्सों में सड़क निर्माण का कार्य रफ्तार पर है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने भी दावा किया है कि दूसरे चरण का काम आरओबी को छोड़कर निर्धारित अवधि में पूरा होगा। खासकर डासना से लालकुआं के बीच 16 लेन का एक्सप्रेस-वे मार्च 2020 तक बनकर तैयार हो जाएगी, जिसकी आठ लेन तैयार कर ली गई हैं। शेष लेन का काम भी 70 से 80 फीसदी पूरी हो चुका है।
डासना से लालकुआं के बीच की दूरी अब चंद मिनटों में तय हो रही है लेकिन आने वाले तीन महीनों के बाद आप बिना रूट फर्राटा भर सकेंगे। जल निगम की पाइल लाइन डालने का काम भी तेजी से चल रहा है। बीच के करीब दो किलोमीटर के हिस्से में पाइप लाइन डालने का काम शेष है जो अगले एक महीने के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद एक्सप्रेस-वे की आखिरी आठ लाइन को पूरी तरह से तैयार करने में करीब दो महीने का समय लेगा। उधर, एबीईएस इंजीनियरिंग कॉलेज से यूपी गेट तक का काम भी तेजी से चल रहा है। सभी अंडरपास और पुलों का निर्माण प्रगति पर है, जिनमें से 50 फीसदी को अगले एक महीने में यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। लालकुआं में जीटी रोड पर दो साइड के ओवर ब्रिज पहले से तैयार हो चुके हैं जिन पर यातायात संचालित है। बीच के शेष दो बड़े पुल बनाने का काम भी अगले एक से डेढ़ महीने में पूरा कर लिया जाएगा। इन पुलों को पिलर तैयार हो चुके हैं। अगले 15 दिनों में गार्डर लांच करने का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद डासन की तरफ बनाए जा रहे अंदर पास व फ्लाईओवर का काम भी अगले एक महीने के अंदर पूरा हो जाएगी।
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मई 2020 तक दूसरा चरण पूरा करने का लक्ष्य
यूपी गेट से डासना के बीच करीब 19 किलोमीटर का एक्सप्रेस-वे मई 2020 तक तैयार किया जाना है। काम की मौजूदा गति को देखकर एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि अलीगढ़ रेल लाइन पर बनाए जा रहे आरओबी को छोड़कर शेष हिस्से का काम निर्धारित समय सीमा में पूरा करेंगे। रेलवे का आरओबी डिजाइन के चक्कर में फंसा है, जिसके चलते देरी हो रही है। हालांकि उसे भी जल्द सुझाकर पूरा करने की कोशिश की जा रही है। दूसरे चरण में 2500 करोड़ रुपया खर्च किया जा रहा है।
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प्रारंभिक समय सीमा से पिछड़ गया दूसरे और चौथे चरण का काम
चौथे चरण में (डासना से मेरठ) जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एनएचएआई ने जमीन पर पूरी तरह से कब्जा ले लिया है। अब एक्सप्रेस-वे निर्माण में कहीं पर कोई रुकावट नहीं है। एनएचएआई दावा कर रही है कि अब पांच से सात महीने में चौथे चरण का काम पूरा कर लिया जाएगा और मई 2020 तक दूसरे चरण का भी काम पूरा हो जाएगा लेकिन दोनों चरणों का काम प्रारंभिक समय सीमा से पिछड़ रहा है जो अगस्त 2018 में तय की गई थी। उस वक्त दोनों चरणों का काम जून 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, जिससे करीब एक वर्ष की देरी से काम चल रहा है।
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दूसरे चरण में काम तेजी से चल रहा है। डासना से लालकुआं के बीच का हिस्सा मार्च 2020 तक पूरा कर लिया जाएगा। शेष काम मई 2020 तक पूरा होगा। चौथे चरण में भी अब कोई रुकावट नहीं है। इसलिए तेजी से काम कर रहे हैं।
- मुदित गर्ग, डीजीएम - एनएचएआई