रास्ते में कोई करे अभद्रता तो 112 नंबर पर करें शिकायत
गाजियाबाद। भागीरथ पब्लिक स्कूल में अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम के तहत पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें सीओ ट्रैफिक महीपाल सिंह ने छात्राओं को आत्मसुरक्षा के बारे में बताया। साथ ही छात्राओं के विभिन्न सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि रास्ते में कोई आपके साथ अभद्रता करता है तो सीधे 112 नंबर पर शिकायत करें। पुलिस आपकी तत्काल मदद करेगी।
संजय नगर सेक्टर-23 स्थित भागीरथ पब्लिक स्कूल में अपराजिता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीओ ट्रैफिक महीपाल सिंह ने छात्राओं से कहा कि लड़कियां अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उन्हें किसी से डरने की आवश्यकता नहीं है। वह हर व्यक्ति को उसी के अंदाज में जवाब दे सकती हैं। बस, उन्हें जरूरत है तो हौसले की। उन्होंने कहा कि सड़क पर चलने के दौरान किसी भी अपरिचित व्यक्ति से बात करने से बचें। निडर होकर रोड पर चलें। यदि इस बीच में कोई परेशानी आती है तो तत्काल पुलिस को कॉल करें। आपके पास मोबाइल नहीं है तो रास्ते में लोगों से मदद मांग लें। कुछ युवक रास्ते में चलते के दौरान गलत हरकत करते हैं। ऐसे युवकों की पहचान कर लें और पुलिस को सूचना दें। पुलिस छात्राओं के नाम को गोपनीय रखेगी और आरोपी युवकों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि अब लड़कियों को जागरूक होने की आवश्यकता है। रास्ते में किसी भी व्यक्ति की गतिविधि को संदिग्ध देखें तत्काल घर पर मां और स्कूल में शिक्षिका को जानकारी दें। अगर आप इस गलती को छिपाती हैं तो भविष्य में आपके साथ कोई बड़ी घटना हो सकता है। इस सब के लिए आप स्वयं जिम्मेदार होगे इसलिए आवश्यकता है किसी भी बात को न छुपाया जाए।
- छात्राओं ने किए सवाल
छात्राओं ने सवाल किए कि सर स्कूल के आसपास सिक्योरिटी नहीं है, ऑटो में भी दिक्कत आती है। साइबर क्राइम बढ़ रहा है, लाइसेंस न होने पर पुलिसकर्मी मारपीट करते हैं। सर रास्ते में छोटे-छोटे बच्चे सिगरेट पीते दिखाई देते हैं। इनके या दुकानदारों के खिलाफ क्यों कार्रवाई नहीं होती है। गांव
देहात के लोग अपनी बेटियों को बाहर पढ़ने भेजने में डरते थे। सीओ ट्रैफिक ने छात्राओं के इन सवाल को जवाब भी दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय के आसपास ध्यान देना चाहिए। उनके गार्ड होते हैं। साइबर अपराध होने पर उन्होंने कहा कि साइबर सेल का गठन किया गया है। आप साइबर क्राइम से संबंधित शिकायतें साइबर सेल में कर सकते हैं। सिगरेट पीने वाले छात्रों को कई बार टोका गया है। दुकानदारों को भी हिदायत दी गई है। अब अभिभावक भी जागरूक हुए हैं। वह बेटियों की सुरक्षा को लेकर थोड़ा चिंतित रहते हैं। अब ऐसा नहीं है कि बेटियों को पढ़ाना नहीं चाहते हैं। आप पढ़ोगे तो परिवार के लोग पढ़ाएंगे। बाहर भी भेजेंगे।
- ट्रैफिक नियमों का पालन के दिए निर्देश
सीओ ट्रैफिक महीपाल सिंह ने छात्राओं को सुरक्षा के साथ-साथ यातायात नियमों का भी पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राएं बाइक चलाते समय हेलमेट जरूर लगाएं और कार चलाते समय सीट बेल्ट। अपने परिवार के लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें। साथ ही तीन चीजों पर विशेष जोर देने के लिए कहा। ड्राइविंग करते समय नींद नहीं आनी चाहिए। नशा नहीं करना और मोबाइल पर बात एवं लीड प्रयोग नहीं करनी है।
छात्राओं को विद्यालय से घर पहुंचने के बाद सभी बातें मां से शेयर करनी चाहिए। उनके साथ घर से स्कूल तक और स्कूल से घर तक किया हुआ। - जैना
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प्रत्येक छात्र-छात्रा को वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट लगानी चाहिए। इससे हम स्वयं सुरक्षित रहेंगे। - साक्षी
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बेटियां आज के दौर में किसी से कम नहीं है। हम लोगों को रास्ते में चलते समय हिम्मत रखनी चाहिए। - योग्यता
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रास्ते में किसी तरह की घटना होने पर पुलिस को जानकारी दें और परिवार को भी इसके बारे में बताएं। जिससे तत्काल एक्शन हो सके। - गुंजन
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छात्राओं को सशक्त बनाने एवं जागरूक करने के लिए अमर उजाला के इस अभियान की जितनी सराहना की जाए कम है। छात्राएं भी सीखें और टिप्स को अपनी दिनचर्या में लेकर आएं। - अमिताभ सुकुल, डायरेक्टर