पुलिस के सामने पंचायत में फिर बवाल, पथराव व फायरिंग
गाजियाबाद/मसूरी। बम्हैटा-अच्छेजा गांव की दो जातियों के बीच चल रहा विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को दोनों गांव केलोगों की डासना देवी मंदिर पर बुलाई गई पंचायत में फिर से बवाल हो गया। युवकों ने पुलिस के सामने पथराव कर वाहनों में तोड़फोड़ और फायरिंग की। बेकाबू भीड़ ने काफी देर तक उपद्रव मचाया। मामला बढ़ता देख पुलिस ने लाठी फटकार कर लोगों पर काबू पाया। पुलिस ने यति नरसिंहानंद सरस्वती, अनिल यादव समेत 100 अज्ञात लोगों केखिलाफ बलवा भड़काने की धाराओं में मसूरी थाने में रिपोर्ट दर्ज की है। इकला गांव में पहुंचकर लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर, यति नरसिंहानंद सरस्वती, यतेंद्र गुर्जर, अनिल यादव ने दोनों समाज के लोगों को गले मिलवाकर समझौता कराया। दोनों गांव के लोगों ने आगे झगड़ा न करने का संकल्प भी लिया।
सिहानीगेट थाना क्षेत्र में युवकों की गाड़ी टकराने को लेकर हुआ विवाद बम्हैटा-अच्छेजा की दो जातियों के संघर्ष के रूप में उभरा है। शुक्रवार को जहां लाठी-डंडे, पथराव और फायरिंग के बाद दोनों गांव के लोगों के बीच समझौता हो गया था। वहीं, रविवार को गले मिलवाने के लिए डासना देवी मंदिर पर बुलाए गए दोनों बिरादरी के बीच फिर से संघर्ष हो गया। दोनों जातियों के युवक नारेबाजी करते हुए नजर आ रहे थे। एक बिरादरी के कुछ युवकों ने कपड़े उतारकर नारेबाजी की और अपनी जाति जिंदाबाद के नारे लगाए। इससे दूसरे बिरादरी के लोगों में भी आक्रोश पनप गया। देखने ही देखते वहां पत्थरबाजी शुरू हो गई। युवकों ने एक-दूसरे के ऊपर पत्थर फेंके और वहां खड़े वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस दौरान फायरिंग भी हुई। जब तक पुलिस कुछ समझ पाती, तब तक कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। पुलिस ने युवकों के आक्रोश को बढ़ता देखकर लाठी बरसा दी। पुलिस के लाठी फटकारते ही युवकों ने जिंदाबाद और मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। मसूरी थाना पुलिस ने बवाल के बाद रिपोर्ट दर्ज कर ली।
इकला गांव में गले मिले दोनों जातियों के लोग
डासना देवी मंदिर पर बवाल होने के बाद भाजपा विधायक लोनी नंद किशोर गुर्जर, यति नरसिंहानंद सरस्वती, यतेंद्र नागर और अनिल यादव समेत दोनों बिरादरियों के तमाम लोग इकला गांव में एकत्र हुए। वहां पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच दोनों जातियों के लोग एक-दूसरे के गले मिले। दोनों पक्षों के लोगों ने कहा कि अब दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है। किसी भी प्रकार की लड़ाई नहीं है। यदि अब कोई भी व्यक्ति झगड़ा या विवाद करता है। उसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगा। पुलिस-प्रशासन अपनी कार्रवाई करेगा। ऐसे लोग समाज से अलग होंगे।
पुलिस की योजना हुई फेल
पुलिस और प्रशासन को एक दिन पूर्व में ही पंचायत होने की सूचना थी। उसके बावजूद पुलिस पूरी तरह से अलर्ट दिखाई नहीं दी। घटना के समय भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था, पुलिस के सामने जमकर युवाओं की भीड़ ने पथराव किया। कई वाहन क्षतिग्रस्त होने के बाद पुलिस की नींद खुली। समय रहते पुलिस नहीं जागती तो घटना और भी बड़ी हो सकती थी।