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सीआईडी अफसर बन लाखों ठगे, कार भी नहीं छोड़ी

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अलीगढ़, आगरा समेत अन्य सेंटरों के ध्यानार्थ
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सीआईडी अफसर बन लाखों ठगे, कार भी नहीं छोड़ी
- कारोबारी के बेटे का दोस्त ही निकला ठग, पीड़ित ने तहरीर दी
- ठगी के बाद ब्लैकलिस्ट में डाले पीड़ित व उसकेपरिजनों के नंबर
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। विजयनगर थाना क्षेत्र में सीआईडी अधिकारी बनकर योजनाओं के नाम पर लाखों रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पीड़ित का आरोप है कि फर्जी सीआईडी अधिकारी उसकी कार भी ले गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
अकबरपुर बहरामपुर निवासी सुरेश चौरसिया निजी कंपनी में काम करते हैं, जबकि उनका बेटा आशीष इलेक्ट्रिकल शॉप चलाता है। सुरेश का कहना है कि खैरागढ़, आगरा निवासी कमल सिंह का दुकान पर आना-जाना था। इसी के चलते आशीष से उसकी दोस्ती हो गई। सुरेश के मुताबिक कमल ने खुद को सीआईडी में अधिकारी बताया था और उसने आईकार्ड भी दिखाया था। आरोप है कि कमल ने नोएडा प्राधिकरण में दुकान दिलाने, पीएम आवास योजना के तहत फ्लैट दिलाने के बहाने आशीष व उसकेजानकारों से रुपये लेने शुरू कर दिए। विभिन्न योजनाओं के नाम पर उसने 1.70 लाख रुपये ऐंठ लिए।
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एक सप्ताह के लिए मांगी थी कार, वापस नहीं आया
सुरेश का आरोप है कि उन्होंने जनवरी 2019 में सैकेंड हैंड आई-20 कार खरीदी थी। सात दिन बाद ही कमल उनके पास आया और आगरा जाने के नाम पर एक सप्ताह के लिए कार मांगी। घर आना-जाना होने के कारण उन्होंने कमल को कार दे दी। आरोप है कि तभी से कमल का कोई सुराग नहीं है। कॉल करने पर पता चला कि उसने सुरेश व उनकेपरिजनों के नंबर मोबाइल में ब्लैकलिस्ट कर दिए हैं।
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अन्य लोगों को देता है पुलिस-सीआईडी की धौंस
सुरेश का कहना है कि अन्य पीड़ित कमल को फोन करते हैं तो वह कभी सीआईडी तो कभी दिल्ली पुलिस की धौंस दिखाकर फोन काट देता है। विजयनगर एसएचओ श्यामवीर सिंह का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की जा रही है।
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