खुद को डीएम गाजियाबाद का भाई बताकर अधिकारियों पर रौब गांठने वाले फर्जी एडीएम को साहिबाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एसपी सिटी श्लोक कुमार ने सोमवार को प्रेसवार्ता कर बताया कि आरोपी पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों पर रौब गालिब कर कई कार्यों के लिए अनावश्यक दबाव बना रहा था। सोमवार को आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
एसपी सिटी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के पास एक संदिग्ध व्यक्ति की कॉल आ रही थी। कॉलर खुद का परिचय आगरा में तैनात एडीएम पवन कुमार पांडेय के रूप में देकर रौब गालिब करता था। वह खुद को डीएम गाजियाबाद का भाई बता रहा था और अपने मिलने वालों के कार्य कराने के लिए अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाता था। शक होने पर आगरा में पता किया तो पवन कुमार पांडेय नाम का कोई एडीएम वहां तैनात नहीं मिला। इसके बाद आरोपी की घेराबंदी शुरू कर दी।
मोदीनगर तहसील के लेखपाल ने पकड़ा
एसपी सिटी ने बताया कि पवन कुमार पांडेय मूलरूप से थाना हडिया, जिला प्रयागराज के गांव कनकपुर का रहने वाला है और वर्तमान में थाना सोनिया विहार, दिल्ली के ई-1/38, गली नंबर-9 साढ़े चार पुस्ता सोनिया विहार में रहता है।
पवन ने अपने किसी जानकार के काम के लिए मोदीनगर तहसील के अधिकारियों के पास फोन किया था। शक होने पर लेखपाल मनोज कुमार व अन्य को उसकेपीछे लगाया गया। लेखपाल ने रविवार शाम पवन कुमार पांडेय को साहिबाबाद के प्रियदर्शनी पार्क अर्थला के पास बुलाया और पुलिस से उसे गिरफ्तार करा दिया।
खुद को एडीएम बताने वाले युवक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने गाजियाबाद के अलावा अन्य जिलों के अफसरों को तो झांसा तो नहीं दिया, इसके लिए आरोपी की सीडीआर खंगाली जा रही है-
श्लोक कुमार, एसपी सिटी
बहुत ही शातिर व्यक्ति है। उसने कुछ जगह पर अपने आप को मेरठ व आगरा का एडीएम बताया है तो कुछ जगह पर मेरा छोटा भाई बताया। एक जगह से मुझे जानकारी मिली है कि उसने अपने आपको मेरा भतीजा भी बताया। जबकि उससे मेरा कोई संबंध नहीं है और न ही उसको जानता हूं। इसलिए एसएसपी से भी कहा है कि उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें-
अजय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी