फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईटेक टाउनशिप से प्रभावित किसानों को कल मिल सकती है राहत

विज्ञापन
विज्ञापन
हाईटेक टाउनशिप के तीन हजार किसानों को कल मिल सकती है राहत
विज्ञापन

गाजियाबाद। एनएच-9 से सटी हाईटेक टाउनशिप से प्रभावित 18 गांवों के 3000 से अधिक किसानों को मंगलवार को राहत और बिल्डर को झटका लग सकता है। हाईकोर्ट के आदेश पर हाईटेक टाउनशिप योजना के बाबत 13 अगस्त को लखनऊ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाईपावर कमेटी की अहम बैठक होगी। बैठक में हाईटेक टाउनशिप योजना की अधिसूचना रद्द करने सहित नीतिगत कोई निर्णय लिया जा सकता है। ऐसे में शासन में मंगलवार को होने वाली बैठक पर किसानों की नजर बनी हुई है।
हाईटेक टाउनशिप में वेव सिटी नेे 4494 एकड़ में से अब तक केवल 3035 एकड़ जमीन खरीदी है। वेव सिटी की जमीन संबंधी अधिसूचना अगर रद्द होती है तो बिल्डर की परेशानी बढ़ सकती है। अधिसूचना रद्द होने या फिर कोई नीतिगत फैसला होने पर वेव सिटी से प्रभावित 18 गांवों के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें अपनी जमीन बेचने का अधिकार मिल सकता है। वेव सिटी के साथ ही हाईटेक टाउनशिप के दूसरे बड़े प्रोजेक्ट सन सिटी से प्रभावित किसानों को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। सनसिटी में तो बिल्डर को 4312 एकड़ जमीन खरीदनी थी, लेकिन अब तक 671 एकड़ जमीन की खरीदी जा सकी है। ऐसे में शासन के फैसले पर किसानों की निगाहें टिकी हुई हैं। बता दें कि शासन ने 2006 में हाईटेक टाउनशिप के लिए लाइसेंस प्रदान किए गए थे। इनमें एनएच-9 किनारे वेव सिटी और सन सिटी थी। वेव सिटी की ओर से लोगों को सस्ते मकान का झांसा देकर करोड़ों की बुकिंग की गई। इसके अलावा योजना में स्कूल, स्वीमिंग पूल, क्लब, अस्पताल सहित आदि सुविधाएं विकसित होनी थीं। लेकिन योजना में करीब पांच से छह सालों तक तो निर्माण कार्य बेहद धीमी रफ्तार तक चलता रहा। ऐसे बड़ी संख्या में लोगों की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। हाईटेक सिटी योजना में नायफल, बनाया, काजीपुर, इकला, रघुनाथपुर, महरौली सहित करीब 18 गांवों के किसानों की जमीन फंसी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हाईटेक टाउनशिप योजना के बाबत मंगलवार को लखनऊ में हाईपावर कमेटी की बैठक प्रस्तावित है। बैठक में हाईटेक टाउनशिप की अधिसूचना के बारे में फैसला हो सकता है।
- कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें