सामुदायिक केंद्र ने फंसाई इंदिरापुरम को हैंडओवर करने की योजना
गाजियाबाद। जीडीए की इंदिरापुरम योजना को नगर निगम को हैंडओवर करने की योजना में एक और रुकावट आ गई है। नगर निगम ने प्राधिकरण से ग्रीन बेल्ट, पार्क के साथ अब सामुदायिक केंद्रों को भी हैंडओवर करने की मांग की है। इससे पहले जीडीए ने निगम को सड़क, बिजली और कूड़ा की व्यवस्था को हैंडओवर करने का प्रस्ताव भेजा था। सामुदायिक केंद्र को हैंडओवर करने में तकनीकी बाधा व नियमों का हवाला देकर जीडीए ने साफ इंकार कर दिया है।
जीडीए ने साफ कहा है कि प्राधिकरण कूड़ा निस्तारण के लिए पहले साल खर्च होने वाला करीब 4.50 करोड़ का फंड वहन करने को तैयार है। लेकिन सामुदायिक केंद्र को नियमानुसार हैंडओवर नहीं किया जा सकता है। ऐसे में इंदिरापुरम योजना को हैंडओवर करने को लेकर बीते आठ माह से जारी कवायद में व्यवधान पड़ सकता है। जीडीए की ओर से राजनगर एक्सटेंशन योजना में सड़क, कूड़ा, बिजली और अन्य गतिविधियों पर सालाना करीब 10 करोड़ खर्च किया जाता है। बीते साल दिसंबर में इंदिरापुरम योजना को हैंडओवर करने के लिए जीडीए व निगम की संयुक्त टीम ने सर्वे किया था।
संयुक्त सर्वे में सड़क, स्ट्रीट लाइट और कूड़ा तीन सेवाओं को हैंडओवर करने पर सहमति बनी। लेकिन इसके बाद हुई निगम की बोर्ड बैठक में पार्षदों ने हैंडओवर लेने की योजना को घाटे का सौदा बताते हुए इसका विरोध कर दिया। जिसके बाद योजना करीब चार माह तक ठंडे बस्ते में रही। फिर बीते माह हुई निगम की बोर्ड बैठक में इंदिरापुरम व उसके आसपास के क्षेत्र के पार्षदों ने इंदिरापुरम योजना को लेने का समर्थन करने के साथ खूब हंगामा किया। इसके बाद निगम बोर्ड ने एक कमेटी का गठन कर दिया। फिर निगम पार्षदों व कमेटी ने पहले तीन सेवाओं के साथ पार्क व हरित पट्टियों को देने की मांग रखी। जिसे जीडीए उपाध्यक्ष ने स्वीकार करते हुए पहले साल के कूड़ा कलेक्शन के 4.50 करोड़ के खर्च को भी वहन करने की बात कही। अब निगम की सामुदायिक केंद्रों को हैंडओवर करने की नई मांग को नियमों का हवाला देकर जीडीए ने सिरे से खारिज कर दिया है।
इंदिरापुरम योजना में तीन सेवाओं के साथ हरित पट्टियां व पार्क जीडीए देने को तैयार है। प्राधिकरण नियमों के तहत सामुदायिक केंद्रों को हैंडओवर नहीं किया जा सकता है। - कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए