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कोरोना संक्रमित दो मरीजों के जबड़ों में मिला ब्लैक फंगस

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कोरोना संक्रमित दो मरीजों के जबड़ों में मिला ब्लैक फंगस
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गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण कम होने के बाद भी ब्लैक फंगस के रूप में अभी मरीजों को साइड इफेक्ट झेलने पड़ रहे हैं। दो नए मरीजों के जबड़ों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। एक मरीज का ऊपरी जबड़ा निकालना पड़ा है, जबकि दूसरे का ऑपरेशन कर संक्रमण की सफाई की गई है। संक्रमण की पुष्टि ब्लैक फंगस के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. सुनील त्यागी ने भी की।
हर्ष ईएनटी अस्पताल आरडीसी में भर्ती मरीजों का इलाज कर रहे सीनियर ईएनटी सर्जन डॉ. बीपी त्यागी ने बताया कि दोनों मरीज कोरोना संक्रमण मुक्त होने के बाद सामान्य हो गए थे, लेकिन उनके दांत के ऊपर मसूड़ों में दाने निकल आए थे। दोनों मरीज पंद्रह दिन तक डेंटिस्ट के पास इलाज कराया था, लेकिन आराम मिलने के बजाए दाने बड़े होते जा रहे थे। दिल्ली के एक अस्पताल में डॉक्टर ने ब्लैक फंगस की जांच कराने की सलाह दी। जांच के बाद पता चला कि नाक के बजाए जबड़ों में फंगस बढ़ रहा था। ऑपरेशन कर पूरा जबड़ा निकाला गया। अभी मरीज की हालत स्थिर है। मरीज को एंफोटेरेसिन-बी के 84 इंजेक्शन लगवाने पड़ेंगे। दूसरे मरीज का भी आपरेशन किया गया है।
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आजमगढ़ के इंजीनियर को हुआ
डॉ. बीपी त्यागी ने बताया कि 24 दिन पहले आजमगढ़ के पंचायती राज विभाग में कार्यरत एक इंजीनियर के भी जबड़े में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई थी, मरीज को नाक में भी फंगस था। ऑपरेशन के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। इंजीनियर ने बताया कि 24 दिन के इलाज और होटल में रहने का अब तक 15 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। अभी 12 इंजेक्शन लगना बाकी हैं।
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अब तक जिले में मिल चुके हैं 97 मरीज
ब्लैक फंगस के नोडल अधिकारी डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि जिले में अब तक ब्लैक फंगस के 97 मरीज मिल चुके हैं। इनमें दस मरीजों की मौत हो चुकी है। तीन मरीज मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं। दो मरीज हर्ष ईएनटी और दो यशोदा अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें पांच की हालत गंभीर है। 17 मरीजों का ओपीडी में इलाज चल रहा है। डॉ. सुनील त्यागी का कहना है कि कोरोना संक्रमण कम होने के बाद ब्लैक फंगस के मरीज भी कम हो गए हैं। अब तक 63 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। अभी पांच मरीजों को प्रतिदिन चार एंफोटेरेसिन बी इंजेक्शन की जरूरत पड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग के पास रविवार को 75, सोमवार को 50 और मंगलवार को 75 एंफोटेरेसिन-बी इंजेक्शन मिले थे। सीएमओ कार्यालय से 20 से 25 मरीजों को जरूरत के अनुसार इंजेक्शन दिए जा रहे हैं।
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