तीसरी लहर से पहले 17 लाख बच्चों को बचाने की होगी तैयारी
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए तैयारी की जा रही है। जानकार तीसरी लहर के लिहाज से बच्चों को लेकर सचेत कर रहे हैं। गाजियाबाद में जीरो से 17 साल तक के 17 लाख बच्चे हैं। स्वास्थ्य विभाग इनको ध्यान में रखकर अपनी तैयारी कर रहा है।
वायरस संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने अब तैयारी तेज कर दी है। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने एवं बच्चों को खतरनाक वायरस से बचाने की आशंका के मद्देनजर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को जहां एल-1 प्लस कोविड अस्पताल बनाने की तैयारी होगी। वहीं, बच्चों के लिए डेडीकेटेड अस्पताल भी बनाने की तैयारी की जा रही है। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह का कहना है कि कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। बच्चों के लिए इलाज के लिए दस डाक्टरों की नियुक्ति के बारे में भी जिलाधिकारी ने पूरी जानकारी सीएमओ से मांगी है।
जिले में शून्य से 17 साल तक आयु के लगभग 17 लाख बच्चे हैं। इन सभी को कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से सुरक्षित करने के लिए तैयारी कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि तीसरी लहर में 12 से 17 साल तक बच्चों के लिए खतरनाक होने की आशंका है। इसलिए डासना में राम सरन गर्ग इंडो जर्मन हॉस्पिटल (बच्चों के लिए डेडीकेटेड अस्पताल) तैयार कराया जा रहा हैं। इसके अलावा संतोष मेडिकल कॉलेज में भी 100 बेड की पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट (पीकू)बनाई जाएगी। सरकारी स्तर पर ही जिले के सभी चारों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी 10-10 बेड की पीकू बनाई जाएगी। इसके लिए डासना, मुरादनगर, मोदीनगर और लोनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑपरेशन थिएटर टेक्नीशियन (ओटीटी) तैनात किए जाएंगे। इसके साथ ही शासन के निर्देश पर एल-2 कोविड अस्पताल में राउंड द क्लॉक ओटीटी के अलावा एक क्रिटिकल केयर टेक्नीशियन की तैनाती रहेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि सीएमओ डॉ. एनके गुप्ता को सभी तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए गए है। तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयारी पुख्ता कराई जा रही है। ताकि बच्चों को संक्रमण से सुरक्षित किया जा सके। - आक्सीजन प्लांट जल्द लगाए जाने के निर्देश दिए हैं।
- सीएचसी पर दस-दस बेड की व्यवस्था जल्द करने के निर्देश जारी किए हैं।
- इलाज करने के लिए डाक्टरों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने के लिए सीएमओ को निर्देश दिए हैं।
- दवाइयों की मौजूदा स्थिति और मंगाई जाने वाली दवाइयों के बारे में पूरी जानकारी मांगी है।
- ओटीटी की भर्ती के बारे में पूरी जानकारी जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग से मांगी है।