इंदिरापुरम का विस्तार लटका, मुआवजे पर नहीं बनी बात
गाजियाबाद। इंदिरापुरम से लगे महीउद्दीनपुर कनवानी में इंदिरापुरम विस्तार आवासीय योजना का दायरा अब कम होगा। विस्तार में जीडीए के पास करीब 60 एकड़ जमीन है। वहीं, लैंडपूल पॉलिसी के माध्यम से किसानों से जमीन लेने की योजना परवान नहीं चढ़ सकी है। कनावनी में 35 एकड़ जमीन के लिए किसान बाजार दर पर मुआवजे की मांग कर रहे हैं, जिसे जीडीए ने बजट से बाहर बताकर देने से इंकार कर दिया है। जमीन की अधिसूचना रद्द करने का शासन को लिखा पत्र है।
जीडीए उपाध्यक्ष निर्देश पर प्राधिकरण ने जमीन को योजना से बाहर करते हुए अधिसूचना रद्द करने का शासन को प्रस्ताव भेजा है। ऐसे में इंदिरापुरम विस्तार योजना अब केवल 60 एकड़ जमीन पर आएगी। प्राधिकरण की योजना इंदिरापुरम विस्तार में आवासीय योजना लाने की है। योजना के लिए नियोजन अनुभाग इंदिरापुरम विस्तार में टोटल स्टेशन सर्वे के लिए सैटेलाइट सर्वे कर चुका है। योजना का ले-आउट भी लगभग तैयार है। प्राधिकरण मुख्य रूप से एकल यूनिट के आवासीय, व्यावसायिक और स्कूल-कॉलेजों के भूखंड लाने की योजना पर काम कर रहा है। इंदिरापुरम विस्तार के तैयार किए गए लेआउट में सड़कें 40 फुट से छोटी नहीं होगी। योजना की मुख्य और अंदरूनी सड़कें 12 मीटर, 24 और 30 मीटर की होंगी। जीडीए सचिव संतोष कुमार राय ने बताया कि इंदिरापुरम विस्तार योजना से कनावनी की 35 एकड़ जमीन को बाहर किया जाएगा। जमीन की अधिसूचना रद्द करने के बारे में शासन को पत्र भेजा गया है।
लैंडपूल की योजना नहीं चढ़ सकी परवान
जीडीए ने 2005 में इंदिरापुरम एक्सटेंशन योजना के लिए महीउद्दीनपुर कनावनी गांव में 280 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था। बड़े मुआवजे की मांग को लेकर कई लोगों ने कोर्ट का रुख कर लिया। अधिक आर्थिक भार की संभावना के चलते जीडीए ने पहले विवादित 220 एकड़ जमीन की अधिसूचना रद्द करने का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पास करा शासन को भेज दिया है। अब बची 60 एकड़ जमीन पर इंदिरापुरम विस्तार योजना को लाने की तैयारी है। इंदिरापुरम विस्तार का दायरा बढ़ाने के लिए प्राधिकरण की योजना किसानों से लैंड पूल पॉलिसी के जरिए जमीन की थी, लेकिन अब यह योजना खटाई में पड़ गई है।
इंदिरापुरम विस्तार में 200 से 350 वर्ग मीटर के होंगे भूखंड
जीडीए अधिकारियों के मुताबिक इंदिरापुरम विस्तार में मुख्य रूप से एकल यूनिटों के भूखंडों की योजना लाई जाएगी। इसमें 200 वर्ग मीटर, 250, 300 और 350 वर्ग मीटर के भूखंड काटने की योजना है। जीडीए अधिकारियों ने साफ किया है आवासीय भूखंडों में केवल एकल यूनिट के निर्माण की अनुमति दी जाएगी। इंदिरापुरम से सटे जीडीए की विस्तार योजना में बड़े ग्रुप हाउसिंग भूखंडों के लिए बिल्डर भले ही आगे ना आए हो, लेकिन आवासीय भूखंडों की योजना को लोग हाथों-हाथ लेंगे। आवासीय योजना से दिल्ली व नोएडा पांच से 10 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का काम पूरा होने से एनएच-9 पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलने के बाद दिल्ली के सराय काले खां रेलवे स्टेशन 20 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। इंदिरापुरम विस्तार से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कोने तक का सफर जल्द पूरा हो जाएगा।