कोरोना ने 21 बच्चों को किया अनाथ, 98 ने किसी एक को खोया
गाजियाबाद। कोरोना ने जिले में 21 बच्चों को अनाथ कर दिया है। 98 बच्चों ऐसे हैं, जिनके सिर से अभिभावकों में माता या पिता में से किसी एक का साया उठ गया है। प्रशासन ने इस तरह के 119 बच्चों की सूची तैयार की है, जिन्होंने अपनों को खो दिया है। इनको मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ देने के लिए सत्यापन का काम किया जा रहा है।
इन बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत सहायता को मंजूरी मिल चुकी है। इन सभी को मिलाकर 119 बच्चे जिले में सूचीबद्ध किए गए हैं, जिनको उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ मिलेगा। सूची में उन अभिभावकों के बच्चों को भी शामिल किया गया है, जिनके माता-पिता की मृत्यु बुखार आने के बाद हुई है, लेकिन उनकी कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट नहीं है।
बच्चों की काउंसिलिंग की
सत्यापन का काम महिला एवं बाल कल्याण विभाग की टीम कर रही है। सभी बच्चों के घरों में जाकर उनसे बातचीत की जा रही है। काउंसिलिंग भी की जा रही है। सीडीओ घर पर जाकर बच्चों से मिली हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चंद्रा ने बताया कि चिन्हित बच्चों की सूची तैयार कर ली गई है। जो बच्चे अनाथ हो गए हैं और जिनके पास कोविड पॉजिटिव का सर्टिफिकेट है, उनको वरीयता के आधार पर जल्द से जल्द सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। जिनके पास कोरोना पॉजिटिव का सर्टिफिकेट नहीं हैं उनको भी जल्द सहायता मिलेगी।
जल्द मिलेगा लाभ
योजना के तहत अनाथ हुए बच्चों के भरण, पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा गया है। सभी बच्चों और अभिभावकों को घर-घर जाकर मुलाकात की जा रही है और उनसे बातचीत की गई है। 21 अनाथ बच्चों को जल्द ही लाभ दिया जाएगा और बाकी बच्चों के लिए भी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
अस्मिता लाल, सीडीओ
अनाथ हुए बच्चे
0-1 साल 1-6 साल 7-10 साल 11-18 साल
लड़का 0 0 2 10
लड़की 0 0 4 5
वे बच्चे जिन्होंने एक अभिभावक खोया
0-1 साल 1-6 साल 7-10 साल 11-18 साल
लड़का 01 09 14 33
लड़की 0 12 09 20