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निजी अस्पतालों की मनमानी की जांच कर रही कमेटी बदली

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निजी अस्पतालों की मनमानी की जांच कर रही कमेटी बदली
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गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में मरीजों के इलाज के नाम पर मनमाने ढंग से लाखों रुपये का बिल वसूलने वाले अस्पतालों की जांच अब आईएएस अधिकारी के नेतृत्व वाली कमेटी 15 दिन में करेगी। कमेटी की रिपोर्ट डीएम शासन को भेजेंगे। विधायकों की शिकायत पर जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने पुरानी कमेटी में बदलाव कराया।
कोरोना संक्रमण पीक पर होने के दौरान प्राइवेट अस्पतालों ने शासन द्वारा तय की गईं कीमतों से कई गुना ज्यादा बिल मरीजों से वसूला। लगातार शिकायतें मिलने के बाद अपर सिटी मजिस्ट्रेट विनय सिंह, लेखाधिकारी अभिषेक और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार की एक जांच कमेटी बनाई गई थी।प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने डीएम अजय शंकर पांडेय को तत्काल प्रभाव से कमेटी में परिवर्तन कर जांच कराने के निर्देश दिए। पहले जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करुणेश का नाम आया, बाद में नगरायुक्त के नाम पर सहमति बनी। यह जांच कमेटी सभी कोविड अस्पतालों के कम से कम 10 फीसदी बिलों की रैंडम जांच करेगी। विशेष तौर पर किसी एक दिन में काटे गए सबसे अधिक रकम के बिलों की जांच की जाएगी।
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विधायकों ने उठाए थे जांच कमेटी पर सवाल
विधायकों व अन्य जनप्रतिनिधियों ने पूर्व में गठित कमेटी में जांच अधिकारी विनय सिंह के नाम पर असहमति जताई थी। विधायकों का कहना था कि पीसीएस अधिकारी के नेतृत्व में स्पष्ट और निष्पक्ष जांच नहीं हो सकेगी। बड़े अस्पताल प्रबंधन पीसीएस अधिकारी पर दबाव बनाकर निष्पक्ष जांच में बाधक बन सकते हैं। ऐसे में यह निष्पक्ष जांच आईएएस अधिकारी के नेतृत्व में होनी चाहिए, ताकि रसूखदार अस्पतालों के संचालक उन पर दबाव न बना पाएं। इसके बाद जिले के प्रभारी मंत्री ने तत्काल पूर्व कमेटी में बदलाव कराकर नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर के नेतृत्व में कमेटी बनवा दी। ऑक्सीजन संकट से निबटने के लिए भी पूर्व में नगर आयुक्त को ही ऑक्सीजन आपूर्ति का नोडल अधिकारी बनाया गया था।
हर शिकायत की जांच, बिलों की होगी पड़ताल
जांच कमेटी यूपी सरकार की ओर से निर्धारित किए गए इलाज के खर्च के बावजूद ज्यादा रकम वसूलने की शिकायतों को जांच में प्रमुखता से शामिल करेगी। अस्पताल की ओर से जारी बिलों को लेकर पड़ताल की जाएगी। शिकायतों के मुताबिक अस्पतालों ने कोरोना संकमण के इलाज के लिए 30 हजार से लेकर 80 हजार रुपये प्रतिदिन तक पैसा वसूला है। इसके अलावा वार्ड में डॉक्टर की विजिट के दौरान प्रयोग की जाने वाली पीपीई किट की कीमत भी प्रत्येक मरीज के बिल में जोड़ी गई। कमेटी दवाओं की कीमतों की भी जांच करेगी।
डीएम ने मंत्री के सामने रखा ब्योरा
डीएम अजय शंकर पांडेय ने प्रभरी मंत्री सुरेश खन्ना एवं जनप्रतिनिधियों के साथ मीटिंग में बताया कि वर्तमान में जिले के कोविड अस्पतालों में 3409 बेड हैं। इनमें 785 आईसीयू बेड और 229 वेंटिलेटर की व्यवस्था है। जिले में ऑक्सीजन की कमी नहीं है। कोरोना संक्रमण को रोकने एवं संक्रमित व्यक्तियों को मेडिसिन किट उपलब्ध कराने के लिए 447 निगरानी समिति काम रही हैं। 135 आरआरटी टीम काम कर रही हैं।
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चलाएं सफाई अभियान
मंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से कहा कि कोरोना संक्रमण व अन्य बीमारियों की रोकथाम में स्वच्छता का विशेष योगदान है। सभी जनप्रतिनिधि और अधिकारियों द्वारा बड़े स्तर पर जिले की स्वच्छता को लेकर विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि जिले में विभिन्न प्रकार की बीमारियों को रोकने में सफलता मिले।
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