फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जून में हाउस टैक्स 15 फीसदी बढ़ना तय, विरोध में पार्षद

विज्ञापन
विज्ञापन
जून में हाउस टैक्स 15 फीसदी बढ़ना तय, विरोध में पार्षद
विज्ञापन

गाजियाबाद। एक जून से शहर के करीब 3.70 लाख भवन मालिकों पर हाउस टैक्स का बोझ बढ़ जाएगा। पार्षदों के विरोध के बीच मंगलवार को महापौर ने भी साफ कर दिया है कि उनके कार्यकाल से पहले ही प्रत्येक दो साल में 10 फीसदी टैक्स बढ़ाए जाने का प्रस्ताव पास हो चुका था। निगम ने तीन साल से टैक्स नहीं बढ़ाया है, ऐसे में इस साल 15 फीसदी टैक्स बढ़ाया जाना जरूरी है। वहीं भाजपा पार्षद के बाद अब कांग्रेस पार्षद दल के नेता ने भी टैक्स बढ़ोतरी का विरोध किया है। उनका कहना है कि सड़क से निगम सदन तक इस बढ़ोतरी का विरोध करेंगे।
दरअसल, बीते साल कोरोना संक्रमण के चलते मार्च माह में ही लॉकडाउन लागू हो गया था। लोगों के काम-धंधे चौपट हो गए थे। इसके चलते नगर निगम ने अप्रैल 2020 से हाउस टैक्स में होने वाली 10 फीसदी की बढ़ोतरी करने से इनकार कर दिया था। जनता को राहत दी गई, लेकिन अब वही बकाया हाउस टैक्स जोड़कर इस साल नगर निगम ने हाउस टैक्स में 15 फीसदी बढ़ोतरी करने का निर्णय ले लिया है। एक बार लोगों को लगा कि उन पर अब टैक्स की बढ़ोतरी दो साल बाद यानी 2022 में होगी, लेकिन नगर निगम ने लॉकडाउन के एक साल बाद ही अप्रैल 2020 से 15 फीसदी टैक्स बढ़ाने का फैसला कर लिया। हालांकि अप्रैल में ही कोरोना संक्रमण बढ़ने की वजह से टैक्स अभी नहीं बढ़ पाया है, अब जून से टैक्स बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। वहीं इस टैक्स बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस के साथ-साथ सत्ताधारी दल भाजपा के पार्षद भी उतरने लगे हैं।
विज्ञापन

------
टैक्स बढ़ा तो देंगे धरना : कांग्रेस पार्षद
कांग्रेस पार्षद दल के नेता जाकिर सैफी का कहना है कि कोरोना संक्रमण काल में जब लोगों के काम-धंधे चौपट हैं, इलाज पर मोटी रकम खर्च हो चुकी है, तब टैक्स बढ़ाना निंदनीय है। जाकिर सैफी का कहना है कि नगर निगम द्वारा 15 फीसदी टैक्स बढ़ोतरी का विरोध हम हर स्तर पर करेंगे। लॉकडाउन के कारण शहर की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है। उद्योग-धंधे बंद हैं। छोटे व मंझले व्यापारी परेशान है, कारोबार बंद होने से लोगों का घर चलाना मुश्किल हो रहा है। ऐसी स्थिति में जनता पर टैक्स की बढ़ोतरी की मार नहीं पड़ने देंगे। उनका कहना है कि अगर निगम अधिकारी टैक्स की बढ़ोतरी को वापस नहीं लेंगे तो आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाकर इसे वापस कराया जाएगा। जरूरत पड़ी तो जनता के समर्थन में धरना भी देंगे।
भाजपा पार्षद भी जता चुके विरोध
इससे पहले भाजपा पार्षद हिमांशु मित्तल भी टैक्स में 15 फीसदी की बढ़ोतरी किए जाने पर विरोध जता चुके हैं। उन्होंने भी कहा था कि कोरोना संक्रमण काल में लोगों को नगर निगम की मदद की जरूरत है। ऐसे में नगर निगम उन पर टैक्स का बोझ बढ़ाकर ठीक नहीं कर रहा है। उन्होंने भी यह मुद्दा आगामी बोर्ड बैठक में उठाने का निर्णय लिया है।
--------
मेयर बोलीं
मेरे कार्यकाल से पहले ही नगर निगम में प्रस्ताव पास हुआ था कि प्रत्येक दो साल में टैक्स में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी। नगर निगम ने तीन साल से टैक्स नहीं बढ़ाया है, इस आधार पर निगम अधिकारियों ने टैक्स में 15 फीसदी की बढ़ोतरी की है। मार्च से पहले ही सभी पार्षद दलों के नेताओं के साथ बैठक की गई थी, उसमें भी इस पर सहमति बन गई थी। निगम पर विकास कार्यों का बोझ भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में टैक्स में बढ़ोतरी भी जरूरी हो गई है। इसके बाद भी अगर आगामी बैठक में पार्षद टैक्स में बढ़ोतरी न करने का निर्णय लेंगे तो यह निर्णय मान्य होगा। - आशा शर्मा, महापौर
विज्ञापन

-------
पांच हजार है टैक्स तो अब देना होगा 5750 रुपये
15 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद लोगों पर टैक्स का बोझ काफी बढ़ जाएगा। अगर किसी भवन का हाउस टैक्स अभी 5 हजार रुपये सालाना है तो इसमें 750 रुपये सालाना की बढ़ोतरी हो जाएगी। ऐसे भवन मालिकों को 5750 रुपये देने होंगे। टैक्स बढ़ने से बड़े भवन मालिकों, उद्योगों, मॉल-मल्टीप्लेक्स संचालकों, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल संचालकों पर ज्यादा बोझ बढ़ेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें