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एम्स में घुसपैठ रखने वाले दलाल गैंग से रेमडेसिविर लेता था डॉ. अल्तमश

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एम्स में घुसपैठ रखने वाले दलाल गैंग से रेमडेसिविर लेता था डॉ. अल्तमश
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गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण के उपचार में बेहद कारगर माने जाने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी दवा कारोबार के दलाल गैंग के जरिये हो रही थी। जीवन रक्षक इंजेक्शनों की कालाबाजारी में गिरफ्तार एम्स के गेस्ट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. मोहम्मद अल्तमश ने पुलिस पूछताछ में यह खुलासा किया है। उसने ने बताया कि दलाल गैंग की एम्स समेत अन्य चिकित्सा संस्थानों में मजबूत पैठ है। उसी गैंग के जरिए उसे इंजेक्शन प्राप्त होते थे। जिन्हें वह जरूरतमंदों को 50 हजार रुपये तक में बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहा था। पुलिस अब दवा कारोबार के उन दलालों की तलाश में जुटी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक डॉ. मोहम्मद अल्तमश देश का नामी न्यूरोलॉजिस्ट है। वह बतौर गेस्ट न्यूरोलॉजिस्ट एम्स में अपनी सेवाएं देता है। एम्स जाने के दौरान ही उसकी मुलाकात दवा कारोबार के दलाल गैंग से हुई। जिसके साथ मिलकर अल्तमश ने कोरोना काल में मोटा मुनाफा कमाने के लिए रेमडेसिविर व ऑक्टेमरा इंजेक्शन की कालाबाजारी शुरू कर दी। दलाल गैंग से उसने किश्तों में जीवन रक्षक इंजेक्शनों को जुटाना शुरू कर दिया। दो-चार इंजेक्शन एक बार में लेकर खेप इकट्ठी कर ली। कोरोना संक्रमण से मौतों का सिलसिला बढ़ने पर अल्तमश ने अपने साथियों के द्वारा मुंहमांगी दामों पर इंजेक्शन की बिक्री शुरू कर दी।
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कई रसूखदार चेहरे हो सकते हैं बेनकाब
अल्तमश ने पुलिस पूछताछ में दलाल गैंग से जुड़े कुछ लोगों के नाम भी बताए हैं। इसके अलावा उसके मोबाइल में व्हाट्सएप कॉलिंग व चैटिंग में कुछ संदिग्ध पुलिस के रडार पर चढ़े हैं। पुलिस ने सभी को तस्दीक करना शुरू कर दिया है। साथ ही गाजियाबाद पुलिस दिल्ली पुलिस से मदद लेकर दवा कारोबार के दलाल गैंग तक पहुंचने की कोशिश में भी जुट गई है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि रेमडेसिविर की ब्लैकमेलिंग में कई रसूखदार चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं।
नौकरी के नाम पर ठगी में जेल जा चुका है डॉ. अल्तमश
पुलिस के मुताबिक अल्तमश देवरिया के सलेमपुर इलाके का रहने वाला है। वह दिल्ली के निजामुद्दीन में अपना अस्पताल भी चलाता है। 2018 में वह बहराइच पुलिस द्वारा धोखाधड़ी के मामले में जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का कहना है कि रेमडेसिविर की कालाबाजारी से पहले अल्तमश नौकरी के नाम पर युवाओं से ठगी का गोरख धंधा करता था। बहराइच पुलिस ने अल्तमश पर ढाई हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। इसके अलावा लखनऊ के जानकीपुरम थाने में उसके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था। अल्तमश ने बेरोजगार युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिए थे।
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जेल भेजे गए तीनों आरोपी
नगर कोतवाली पुलिस व क्राइम ब्रांच ने मंगलवार शाम रेमडेसिविर की काला बाजारी करने के आरोप में निजामुद्दीन दिल्ली निवासी डॉक्टर अल्तमश, कैला भट्ठा निवासी कुमैल अकरम व बाड़ा इंदुराव दिल्ली निवासी जाजिब अली को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 70 रेमडेसिविर, 2 अक्टेमरा इंजेक्शन, 36.10 लाख रुपये व स्कोडा कार बरामद हुई थी। तीनों आरोपी जरूरतमंदों को 40 से 50 हजार रुपये में रेमडेसिविर और डेढ़ लाख रुपये में अक्टेमरा इंजेक्शन बेच रहे थे। बुधवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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