प्रवासियों की उमड़ी भीड़, लगानी पड़ीं 1500 बसें
साहिबाबाद। कौशांबी बस अड्डे पर मंगलवार को भी प्रवासी श्रमिकों का पलायान जारी रहा। मंगलवार की रात तक श्रमिक बस अड्डे पर पहुंचते रहे। सोमवार की भीड़ को देखते हुए परिवहन निगम की तरफ से करीब 1500 बसों को लगाया गया है। शाम चार बजे तक 617 बसों को विभिन्न रूटों पर भेजा गया। निगम ने पर्याप्त बसें होने का दावा किया है।
सोमवार को दिल्ली में एक सप्ताह के लॉकडाउन की घोषणा के बाद कौशांबी बस अड्डे पर यात्रियों की भारी भीड़ हो गई। शाम तक तो पैर रखने की जगह नहीं बची। सोमवार रात मजदूर पैदल जाते भी दिखे। मंगलवार को भी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुड़गांव से श्रमिकों का जाना जारी रहा। श्रमिक अपने अपने परिवार के साथ सामान सर पर रखे बस अड्डे पर आते दिखाई दिए। यात्रियों से बात की गई तो कुछ यात्रियों ने बताया कि पहले दो दिन का लॉकडाउन था फिर एक सप्ताह का लॉकडाउन लग गया। सरकार आगे भी लॉकडाउन लगा सकती है। ऐसे में घर जाना ही बेहतर है। यहां पर कोई काम तो है नहीं तो खर्चा कैसे चलेगा। किराए पर रहते हैं, महीना पूरा होने पर मकान मालिक किराया मांगेगा। किराया देंगे या फिर घर का खर्च चलाए। ऐसे में घर जाना ही बेहतर है। जब स्थिति सामान्य हो जाएगी तो लौट आएंगे।
बस नहीं मिली तो पैदल ही चल पड़े
मंगलवार शाम तक जब श्रमिकों को बस में जगह नहीं मिली तो उन्होंने अन्य साधनों से अपने घर जाना शुरू कर दिया। गाजियाबाद के आसपास शहर में जाने वाले श्रमिक कैब से अपने घरों को निकलने लगे। कैब वालों की भी भीड़ बस अड्डे के बाहर और आसपास लग गई। इसके साथ ही यात्री ऑटो, ट्रक दो पहिया वाहन से भी जाते दिखाई दिए। जिनके पास अधिक पैसा नहीं था वे पैदल ही अपने घर को जाने लगे। एनएच-9 पर रात में काफी संख्या में लोग पैदल जाते हुए दिखाई दिए। मॉडल टाउन पर भी काफी संख्या में यात्री बस व अन्य साधनों का इंतजार करते दिखाई दिए।
आरएम ने किया बस अड्डे का निरीक्षण
गाजियाबाद रीजन के आरएम एके सिंह ने मंगलवार को बस अड्डे का निरीक्षण किया। उन्होंने परिवहन कर्मियों से बसों में सैनिटाइजर की व्यवस्था और बिना मास्क के किसी भी यात्री को सफर नहीं करने देने का आदेश दिया। इसके साथ अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिस रूट की बस जा रही है उसके जाते ही उस रूट पर दूसरी बस लगा दी जाए। जिससे यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो और उन्हें ज्यादा देर बस के लिए इंतजार नहीं करना पड़े।