घरों में चल रहीं फैक्टरियां जल्द ही होंगी बंद, काटे जाएंगे बिजली कनेक्शन
गाजियाबाद। साइबर सेल ने जापानी कंपनियों से सॉफ्टवेयर अपडेट और लाइसेंस नवीनीकरण के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली, बिहार, गौतमबुद्धनगर, मेरठ और गाजियाबाद के रहने वाले हैं। विदेशी कंपनियों को झांसा देने के लिए आरोपियों ने कोचिंग में जापानी भाषा सीखी थी। ठगी की रकम को हवाला के जरिये कमीशन पर कैश कराया जाता था। गिरोह के सरगना दिल्ली निवासी राम और गौरव फरार हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
एसएसपी अमित पाठक ने प्रेसवार्ता में बताया कि कुछ समय पहले इंदिरापुरम क्षेत्र में फर्जी कॉल सेंटर के जरिए विदेशी कंपनियों से ठगी करने की सूचना मिली थी। आरोपियों की धरपकड़ के लिए साइबर सेल को लगाया गया था। जांच में पता चला कि आरोपी जापानी कंपनियों को ही निशाना बनाते हैं। इसके लिए वह जापानी भाषा में ही बातचीत करते हैं। पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। जिनकी पहचान आशीष सूरी निवासी बेगमपुर रोहिणी दिल्ली, अविनाश गुप्ता निवासी मोहल्ला हीरालाल कस्बा मवाना मेरठ, एडविन जॉर्ज निवासी जेएनयू मेन गेट मुनीरका दिल्ली, उमेश नेगी निवासी रामपार्क एक्सटेंशन ट्रॉनिका सिटी गाजियाबाद और विक्रमचंद दास निवासी जोशी कॉलोनी मंडावली पटपड़गंज दिल्ली के रूप में हुई है। आदर्श 12वीं और विक्रमचंद दास 8वीं पास है। बाकी सभी आरोपी ग्रेजुएट हैं। आरोपियों के कब्जे से आठ मोबाइल फोन, 80 डाटा पेपर शीट, पांच लैपटॉप, चार एटीएम कार्ड, आईकार्ड व वाई-फाई मॉडम बरामद हुआ है।
नामी सॉफ्टवेयर कंपनियों का डाटा कराया लीक
एसएसपी ने बताया कि तमाम विदेशी सॉफ्टवेयर व हार्डवेयर कंपनियों ने भारत में इंस्टालेशन के लिए एजेंसियां हायर की हुई हैं। उनके पास डाटा रहता है कि किस कंपनी के सिस्टम (कंप्यूटरों) के सॉफ्टवेयर की अवधि खत्म हो चुकी है। इसके बाद एजेंसियां उन कंपनियों को कॉल करके सॉफ्टवेयर बेचती हैं। गिरोह से जुड़े लोगों ने जापानी कंपनियों का यही डाटा लीक करा लिया था। जापानी कंपनियों को गुमराह करने के लिए गिरोह के सदस्यों को जापानी भाषा की कोचिंग कराई गई थी। लिस्ट में शामिल जापानी कंपनियों को फोन करके सॉफ्टवेयर अपडेट के नाम पर ठगी की जाती थी।