कर्ज चुकाने के लिए लूटी थी इंजीनियर की पत्नी से कार
साहिबाबाद। गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर से 14 मार्च को इंजीनियर की पत्नी और बेटी को तमंचे के बल पर धक्का देकर लूटी गई ब्रेजा कार के साथ चार शातिर लुटेरों को इंदिरापुरम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने पीड़िता का आईफोन, दो तमंचे और फर्जी नंबर प्लेट बरामद की है। पकड़े गए तीन आरोपी लोनी के जबकि एक आरोपी मसूरी थाना क्षेत्र का रहने वाला है। मुख्य आरोपी ने माना कि उसने कर्ज चुकाने के लिए इजीनियर की पत्नी से कार लूटी थी और अब उसे बेचने के फिराक में था।
एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि इंदिरापुरम पुलिस और गौतमबुद्धनगर पुलिस ने संयुक्त रूप से रामप्रस्थ ग्रीन चौकी क्षेत्र के केआर मंगलम स्कूल के पास से रविवार देर रात को चार शातिर लुटेरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक ब्रेजा कार, आईफोन, दो तमंचे, दो फर्जी नंबर प्लेट बरामद की हैं। एसपी सिटी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी शाहरुख निवासी नाहल मसूरी, यश निवासी लोनी, प्रवीण निवासी चिरोड़ी और गौरव निवासी सिरोली हैं। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि यश और प्रवीण ने 14 मार्च की शाम को यह कार सूरजपुर में मिगसन गोल चक्कर के पास से सिविल इंजीनियर निशांत निवासी पाम ग्रीन गौतमबुद्धनगर की पत्नी और बेटी से तमंचे के बल पर लूटी थी। दोनों ने कार लूटने के बाद महिला और बच्ची को चलती कार से धक्का देकर फेंक दिया था। इसके बाद कार लेकर फरार हो गए थे। कार में पीड़ित का आईफोन भी था। घटना के दौरान पीड़ित कार से सब्जी लेने के लिए उतरे थे।
एलएलबी तृतीय वर्ष के छात्र प्रवीण ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों ने बताया कि उनके ऊपर काफी कर्ज हो गया था। इस कर्ज उतारने को लेकर चारों ने बड़ी लूट की योजना बनाई थी। इसके बाद दोनों ने घटना को अंजाम दिया। रविवार को वह कार बेचने के लिए जा रहे थे।
एसएचओ इंदिरापुरम संजीव शर्मा ने बताया कि यश 12वीं फेल है, जबकि प्रवीण बागपत के एक कॉलेज से एलएलबी तृतीय वर्ष का छात्र है, गौरव भी बीए पास है, जबकि शाहरुख अनपढ़ है। गौरव एक कार कंपनी की एजेंसी में काम करता है जबकि शाहरुख का गाजियाबाद में कार ठीक करने का गैराज है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यश और प्रवीण ने वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद गौरव और शाहरुख कार को बेचने के लिए साथ में थे। इसके लिए वह ही ग्राहक की तलाश कर रहे थे। रविवार को ही उन्होंने लोनी के चिरोड़ी गांव से कार को बेचने के लिए निकाला था। इसकी जानकारी मिलने पर इंदिरापुरम पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया।
पुलिस से बचने के लिए लगाई थी फर्जी नंबर प्लेट
आरोपी काफी शातिर हैं। घटना के दौरान पहले से ही वह अपने साथ फर्जी नंबर प्लेट लेकर गए थे। पुलिस की पकड़ में न आने के लिए वारदात के बाद कुछ दूर निकलकर कार की नंबर प्लेट बदल ली थी। इसके बाद कार को सीधे लोनी के चिरोड़ी में ले जाकर छिपा दिया था।