अपराध की दस्तक दे रहे वांछित, पुलिस बेबस
गाजियाबाद। गैंगस्टर से हिस्ट्रीशीटर बनाने तक की कार्रवाई और अफसरों की तमाम सख्ती के बावजूद कुछ अपराधी पुलिस के साथ आंख-मिचौली खेल रहे हैं। पुलिस पकड़ से दूर 400 से अधिक अपराधी जिले में अपराध की दस्तक दे रहे हैं। पुलिस उन्हें पकड़ने के लिए हाथ-पांव पीट रही है। बीते दिनों समीक्षा बैठक में वांछितों का आंकड़ा देख एसएसपी ने अधीनस्थों को फटकार लगाई और योजनाबद्ध तरीके से धरपकड़ के निर्देश दिए, लेकिन उसके बाद भी हालात जस के तस हैं। वांछित अपराधियों की धरपकड़ पर पुलिस का फोकस नहीं है।
पूर्व एसएसपी कलानिधि नैथानी ने चार्ज संभालने के बाद पुलिस को पुराना रवैया सुधारने के लिए एक माह का वक्त दिया था। एक महीने बाद लापरवाह व भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर एक्शन लेना शुरू किया था। इसी कड़ी में अपराधियों पर नकेल कसने के लिए कई अभियान शुरू किए। इसके तहत अपराधियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई थी। जिले में पहले बार बड़े पैमाने पर रिकार्ड हिस्ट्रीशीट खोली गईं। वर्तमान समय में अभ्यस्त अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के साथ-साथ वांछितों की धरपकड़ जारी है। बीते दिनों समीक्षा बैठक में वांछित अपराधियों का आंकड़ा देख पूर्व कप्तान का पारा चढ़ गया। उन्होंने अधीनस्थों को वांछितों की धरपकड़ करने और प्रगति रिपोर्ट से अवगत कराने के निर्देश दिए। क्राइम मीटिंग को डेढ़ माह बीतने के बाद भी पुलिस का ध्यान वांछितों पर नहीं जा सका है। जिले के कप्तान के बदलने के बाद पुलिस का रवैया फिर से पुराने ढर्रे पर आ गया है।
फरार आरोपियों में 35 से अधिक इनामी
पुलिस की रिकॉर्ड में फरार आरोपियों में 35 से अधिक इनामी बदमाश हैं। थानावार वांछित अपराधियों की बात करें तो 50 से अधिक वांछित अपराधियों के साथ कविनगर व साहिबाबाद थाना जिले में पहले स्थान पर हैं। इसके अलावा 45 से अधिक वांछित अपराधियों के साथ सिहानी गेट थाना जिले में तीसरे नंबर पर हैं। 30 से अधिक वाछितों के साथ टीला मोड़ और लोनी थाना चौथे, 25 से अधिक वांछितों के साथ लिंक रोड थाना पांचवे, 20 से अधिक वांछितों के साथ खोड़ा और मुरादनगर थाना छठें, 18 से अधिक वांछितों के साथ विजयनगर थाना सातवें नंबर पर है। पांच वांछितों की संख्या के साथ भोजपुर सबसे नीचे यानी 15वें नंबर पर है।
दैनिक दबिश, कुर्की और मॉनिटरिंग के आदेश
वांछितों की धरपकड़ के लिए अधिकारियों ने अधीनस्थों को गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए हैं। क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया कि वह वांछितों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित करें और संबंधित दरोगाओं की जवाबदेही तय करें। वांछितों के ठिकाने पर रोजाना दबिश दी जाए, लेकिन दबिश से पहले अपराधियों की गतिविधि स्थिति का आकलन कर पर्याप्त सुरक्षा बल की व्यवस्था के निर्देश दिए। फरार आरोपियों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई करने तथा एसपी ग्रामीण व सिटी को मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
वांछित होने के बावजूद वारदात कर गए अपराधी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 24 से अधिक ऐसे वांछित भी प्रकाश में आए हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए पुलिस एड़ी-चोटी का जोर लगाती रही और वह अन्य वारदात करके फरार हो गए। पुलिस ने ऐसे अपराधियों की सूची अलग से बनाई है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ युद्ध स्तर पर निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। गैंगस्टर, गुंडा एक्ट व हिस्ट्री शीट खोलने की कार्रवाई की जाएगी।
वर्तमान एसएसपी का शिकायतों के निस्तारण पर जोर
वर्तमान एसएसपी अमित पाठक का जोर शिकायतों के निस्तारण पर है। शुरूआती दौर में जिले की तासीर भांपने के बाद क्राइम कंट्रोल और ट्रैफिक की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। बृहस्पतिवार रात हुई क्राइम मीटिंग में भी उन्होंने आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर नकेल कसने, महिला विरुद्ध अपराध में त्वरित कार्रवाई करने पर जोर दिया। हालांकि, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग में संपन्न कराना पुलिस के लिए फिलहाल बड़ी चुनौती है। एसएसपी का कहना है कि इसके लिए प्रभावी रणनीति बनाई जा रही है।