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नई योजनाओं के सपने दिखाए, मगर धरातल पर न उतर पाए

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सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गईं नगर निगम की योजनाएं
- कंपनी की लेटलतीफी से अटक गया कूड़े से बिजली बनाने का काम
- पांच करोड़ की लागत से बनने वाली शहीद वाटिका भी नहीं बनी
- गांधी नगर में पार्क के नीचे पार्किंग बनाने का प्रस्ताव भी फाइलों में अटका
- हर वार्ड में एक-एक खेल मैदान बनाने की योजना भी नहीं चढ़ी परवान
राजीव शर्मा
गाजियाबाद। नगर निगम ने नई योजनाओं से विकास के सपने तो दिखाए, लेकिन इनमें से धरातल पर एक भी नहीं उतर पाईं। कूड़े से बिजली बनाने की योजना हो, शहीदों के नाम पर वाटिका बनाने की बात हो या फिर पार्क के नीचे अंडरग्राउंड पार्किंग बनाना हो । प्रस्ताव पास कर इन परियोजनाओं की प्लानिंग को फाइलों में दबा दिया गया।
करीब चार साल पहले नगर निगम ने कूड़े से बिजली बनाने की योजना बनाई थी। इस परियोजना को अमली जामा पहनाने के लिए नीदरलैंड की एक कंपनी को कांट्रेक्ट दिया गया। परियोजना के लिए जीडीए ने गालंद में बिल्डरों से जमीन लेकर नगर निगम को दी। इसके बाद नगर निगम ने भी अतिरिक्त जमीन खरीदी। यह जमीन कंपनी को हैंडओवर करने के लिए पत्राचार भी किया गया। लगभग 35 एकड़ जमीन का इंतजाम हो जाने के बावजूद इस परियोजना पर अभी काम शुरू नहीं हो पाया। करीब चार साल पहले नगर निगम के अधिकारियों ने दो साल में इस प्लांट के बनकर तैयार हो जाने का दावा किया था। इससे करीब 32 मेगावाट बिजली उत्पादन का दावा किया गया था।
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ऊपर पार्क, नीचे पार्किंग बनाने का सिर्फ दावा ही रहा
नगर निगम ने चार साल पहले ही आंबेडकर पार्क के नीचे पार्किंग बनाने की प्लानिंग की थी। बाद में इसका स्थान बदल दिया गया और गांधी नगर के एक पार्क को अंडरग्राउंड पार्किंग बनाने के लिए चुना गया। नगर निगम ने अवस्थापना निधि की बैठक में इस पार्किंग के लिए एक करोड़ रुपये आवंटित भी कर दिए। करीब चार साल बीत जाने के बाद भी यह योजना परवान नहीं चढ़ी। निगम अधिकारियों का कहना था कि गांधी नगर में नीचे पार्किंग और ऊपर पार्क बन जाने से तहसील में आने वाले वाहनों की पार्किंग की समस्या खत्म हो जाएगी। लोगों के लिए पार्क भी बरकरार रहेगा।
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हिंडन तट पर शहीद वाटिका के लिए आवंटित किए थे 5 करोड़
1857 की क्रांति के दौरान गाजियाबाद में हिंडन तट पर अंग्रेजी फौज और हिंदुस्तानी क्रांतिकारियों के बीच युद्ध हुआ था। कई दिनों तक चले इस युद्ध में हिंदुस्तानी क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों के कई सैनिकों और अधिकारियों को मार गिराया था। गाजियाबाद के इतिहास की गवाह हिंडन नदी के किनारे नगर निगम ने वर्ष 2016-17 में एक शहीद वाटिका बनाने का निर्णय लिया था। नगर निगम ने इसके लिए 5 करोड़ रुपये भी आवंटित कर दिए थे। इस वाटिका में शहीदों की प्रतिमाओं के साथ-साथ उनकी शौर्यगाथा के शिलालेख भी लगाए जाने थे। यह योजना भी अभी तक धरातल पर नहीं उतर पाई है।
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हर वार्ड में बनाया जाना है एक खेल मैदान
पूर्व में नगर निगम ने हर वार्ड में एक खेल मैदान बनाने का प्रस्ताव सदन में पास किया था। इसके लिए पार्षदों से खाली जमीन या किसी एक पार्क का प्रपोजल भी लिया गया था, जिसे मैदान बनाया जा सके। कई पार्षदों ने नगर निगम को प्रपोजल भी दे दिए । नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक इन खेल मैदान में आउटडोर खेल की सुविधाएं दी जानी थी, लेकिन अभी तक किसी एक भी वार्ड में खेल मैदान नहीं बना है। यह योजना भी सिर्फ फाइलों में ही सिमट कर रह गई है।
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कूड़े से बिजली बनाने की परियोजना के बारे में शासन को पत्र भेजकर पूर्व में ही अवगत करा दिया गया है। अन्य योजनाएं जो पूर्व में पास हो चुकी हैं, उन पर चरणबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। खेल मैदान बनाने की योजना अभी प्रक्रिया में है। जल्द ही इस पर काम शुरू किया जाएगा। - महेंद्र सिंह तंवर, नगरायुक्त
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