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वरिष्ठ साहित्यकार पंकज चतुर्वेदी को मिलेगा सूर सम्मान

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पंकज चतुर्वेदी। - फोटो : GHAZIABAD City
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वरिष्ठ साहित्यकार पंकज चतुर्वेदी को मिलेगा सूर सम्मान
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गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान ने 2019 के लिए शुक्रवार को पुरस्कारों की घोषणा की। गाजियाबाद के अरविंद जैन को दो लाख रुपये का विधि भूषण सम्मान मिलेगा। इसके अलावा शहर के तीन अन्य साहित्यकारों पंकज चतुर्वेदी, डॉ. ईश्वर सिंह व डॉ. मुरारीलाल को 2019 में प्रकाशित पुस्तकों के लिए 75 हजार का नामित पुरस्कार मिलेगा।
वरिष्ठ साहित्यकार पंकज चतुर्वेदी को उनकी पुस्तक क्यों डूबी पनडुब्बी के लिए बाल साहित्य की श्रेणी में सूर सम्मान दिया गया है। यह पुस्तक सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग की ओर से छापी गई थी। राजेंद्र नगर निवासी पंकज चतुर्वेदी बाल साहित्य में 32 पुस्तकें लिख चुके हैं। इनमें फूल वालों की सैर, बेलगाम घोड़े, मेट्रो का मजा, कहानी कहने वाले की, बेल का पेड़, नमक की खेती आदि शामिल हैं। यह पुस्तकें कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध हैं। मूलरूप से मध्यप्रदेश के छतरपुर के रहने वाले पंकज चतुर्वेदी की इसके अलावा दूसरी विधाओं में भी लगभग तीन दर्जन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी गिनती देश के अग्रणी लेखकों में होती है। वह लंबे समय से देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र-पत्रिकाओं में भी लेखन कर रहे हैं। कई पुरस्कारों से भी सम्मानित हो चुके हैं।
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डॉक्टर ईश्वर सिंह को उनकी पुस्तक हिंदी के प्रयोग में मानसिक अवरोध के लिए डॉक्टर धीरेंद्र वर्मा पुरस्कार मिलेगा। उनको यह सम्मान भाषा विज्ञान के क्षेत्र में दिया गया है। राजेंद्र नगर निवासी ईश्वर सिंह हिंदुस्तान पैट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड(एचपीसीएल) में वरिष्ठ प्रबंधक राजभाषा के पद पर कार्यरत हैं। मूलरूप से बुलंदशहर के भटोला गांव के रहने वाले ईश्वर सिंह लंबे समय से हिंदी भाषा को लेकर काम कर रहे हैं। इस पुस्तक में भी उन्होंने हिंदी भाषा के प्रयोग को लेकर बने संकीर्ण नजरिए को उजागर किया। इसके अलावा उनकी दो अन्य पुस्तकें प्रेमचंद साहित्य में द्वंद व कविता संग्रह मेरी धड़कन चिंतन प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में परास्नातक व पीएचडी की है। जबकि परास्नातक हिंदी गुजरात विश्वविद्यालय से किया है। वह पिछले तीन दशक से गाजियाबाद में ही रह रहे हैं। इसके अलावा शहर के डॉ. मुरारी लाल अग्रवाल को संस्कृति के क्षेत्र में संस्कृति सेतु पुस्तक के लिए विद्यानिवास मिश्र पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
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