सीमा विवाद में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को घंटों घुमाती रही मसूरी पुलिस
गाजियाबाद। पिलखुवा थाने में दर्ज हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में मसूरी पुलिस की कारगुजारी उजागर हुई है। पीड़िता के मुताबिक दरिंदगी का शिकार होने के बाद बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े 11 बजे वह जैसे-तैसे मसूरी थाने पहुंची, लेकिन कार्रवाई की बजाय पुलिस उसे चार घंटे तक घुमाती रही। बाद में घटना पिलखुवा क्षेत्र की बताकर वहां जाने को कहा। तड़के करीब साढ़े 3 बजे हापुड़ पुलिस को सूचना दी गई। एसपी हापुड़ के निर्देश पर पिलखुवा पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। पीड़िता द्वारा मसूरी पुलिस पर लगाए आरोपों की जांच एसपी ग्रामीण ने शुरू कर दी है।
इंदिरापुरम क्षेत्र केएक मॉल में नौकरी करने वाली पीड़िता का कहना है कि गत बृहस्पतिवार रात को वह ड्यूटी से लौट रही थी। विजयनगर बाईपास आकर वह लालकुआं के लिए ऑटो में बैठी। उसमें चालक समेत चार लोग थे। एक युवक रास्ते में उतर गया। इसके बाद चालक व दो अन्य लोग उसे लालकुआं ओवरब्रिज के नीचे छोड़ने की बजाय ऊपर से ही हाईवे पर ले जाने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने उसका मुंह और आंख बंद कर दीं और चालक ने तेज आवाज में गाने बजा दिए। पीड़िता के मुताबिक आरोपियों ने उसका मोबाइल भी छीन लिया और फिर मसूरी क्षेत्र के जंगल में ले गए। बंबे के पास पैदल उसे खेत में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया।
बस न रुकने पर आरोपियों ने ही दूसरे ऑटो में बैठाया
पीड़िता का कहना है कि सामूहिक दुष्कर्म के बाद आरोपियों ने ही उसे बस में बैठाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रुकी। इसके बाद उन्होंने लालकुआं तक के लिए उसे दूसरे ऑटो में बैठाया और किराए के पैसे भी दिए। पीड़िता ने कॉल करने के लिए ऑटो चालक से मोबाइल मांगा तो उसने रीचार्ज न होने की बात कही। चालक ने उसे मसूरी थाने के पास जूस की दुकान पर उतार दिया। जूस विक्रेता को आपबीती बताते हुए पीड़िता ने मोबाइल मांगा तो उसने पचड़े में न पड़ने के लिए इनकार कर दिया और उसे मसूरी थाने भेज दिया।
पीड़िता का कहना है कि बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े 11 बजे उसने मसूरी थाने पहुंच कर अपनी शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई की बजाय मसूरी पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही। चार घंटे तक पीड़िता को घुमाने के बाद मसूरी पुलिस ने दावा किया कि घटना पिलखुवा क्षेत्र में हुई है। तड़के करीब साढ़े 3 बजे मसूरी पुलिस ने हापुड़ पुलिस को सूचना दी। गौर करने वाली बात यह है कि सामूहिक दुष्कर्म की घटना होने पर भी मसूरी पुलिस ने अधिकारियों को बताना तक मुनासिब नहीं समझा। एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने कहा कि हापुड़ पुलिस की पूरी मदद की जा रही है। मसूरी पुलिस पर लगे आरोपों की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर रिपोर्ट तैयार कर एसएसपी को भेजी जाएगी।