श्मशान घाट का टेंडर होगा निरस्त
गाजियाबाद। दुहाई स्थित श्मशान घाट में टेंडर खुलने से पहले ही ठेकेदार की ओर से मिट्टी डाले जाने का मामला तूल पकड़ने लगा है। पार्षद की शिकायत के बाद महापौर ने नगर आयुक्त को पत्र भेजकर टेंडर निरस्त करने को कहा है। उनका कहना है कि अब दोबारा एस्टिमेट तैयार कराकर श्मशान घाट के जीर्णोद्धार के लिए दोबारा टेंडर कराया जाए।
दुहाई स्थित श्मशान घाट के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के लिए नगर निगम के निर्माण विभाग ने दो टेंडर जारी किए थे। 14.35 लाख के टेंडर में कमरे, शेड और इंटरलॉकिंग टाइल्स का काम कराया जाना था और 20.18 लाख के दूसरे टेंडर में मिट्टी भराव और गेट बनाने का काम कराया जाना था। इस काम का टेंडर डालने के लिए 18 फरवरी अंतिम तारीख थी, लेकिन ठेकेदार ने सप्ताह भर पहले ही मिट्टी भराव का काम करना शुरू कर दिया था। यानी पहले से ही तय हो गया था कि ठेका किस ठेकेदार को मिलेगा। भाजपा पार्षद हिमांशु मित्तल ने इसका खुलासा किया तो अब महापौर आशा शर्मा ने ठेका निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को उन्होंने नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर को पत्र भेजा और दोबारा टेंडर कॉल करने से पहले नए सिरे से कार्य का एस्टिमेट तैयार कराने के भी निर्देश दिए हैं।
मंदिर समिति ने श्मशान घाट में मिट्टी डलवाने से किया इनकार
श्मशान घाट में टेंडर मिलने से पहले ही ठेकेदार द्वारा मिट्टी भराव कराने का मामला सामने आया तो निगम के अधिकारियों ने जांच कर मामले में ठेकेदार को क्लीन चिट दे दी। नगर निगम के अधिकारियों ने नगरायुक्त को बताया था कि पास में ही मंदिर समिति की ओर से श्मशान घाट में मिट्टी का भराव कराया गया है। अब बाबा पशुपतिनाथ महादेव मंदिर के प्रमुख सेवक अमित कुमार ने प्रेस नोट जारी कर मंदिर समिति की ओर से श्मशान घाट में मिट्टी भराव कराने से इनकार किया है। उनका कहना है कि जिस ब्रजमोहन नाम के व्यक्ति की ओर से खुद को समिति का सदस्य बताते हुए यह दावा किया गया था, वह मंदिर समिति का सदस्य है ही नहीं। उनका कहना है कि श्मशान घाट के प्रकरण से मंदिर समिति का कोई संबंध नहीं है।