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स्वीटी ने पाई 55वीं रैंक, बनीं असिस्टेंट कमिश्नर

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यूपीपीसीएस में 55वीं रैंक हासिल करने वाली स्वीटी उपाध्याय। - फोटो : GHAZIABAD City
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स्वीटी ने पाई 55वीं रैंक, बनीं असिस्टेंट कमिश्नर
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गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन गौड़ कैसकेड निवासी स्वीटी उपाध्याय ने यूपी लोक सेवा आयोग की पीसीएस-2019 (कंबाइंड स्टेट-अपर सबोर्डिनेट सर्विस एग्जाम) में ऑल यूपी 55वीं रैंक हासिल कर शहर का मान बढ़ाया है। मूलरूप से प्रयागराज की रहने वाली स्वीटी ने यूपीपीसीएस परीक्षा में असिस्टेंट कमिश्नर इंडस्ट्रीज में पहली रैंक हासिल कर अपनी काबिलियत साबित की। एमबीए के बाद दो निजी कंपनी में ऊंचे पद पर कार्यरत रहीं स्वीटी को महिलाओं में असुरक्षा की भावना और बढ़ते घरेलू हिंसा के मामलों ने व्यथित किया। महिला सशक्तीकरण की दिशा में कार्य करने के उद्देश्य से उन्होंने प्रशासनिक सेवा में जाने का निर्णय लिया।
2016 में सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी शुरू करने वाली स्वीटी ने यूपी पीएससी के अपने पहले ही अवसर में सफलता हासिल कर प्रयागराज का भी नाम रौशन किया। स्वीटी ने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई सेंटमेरीज कॉन्वेंट स्कूल प्रयागराज से की। फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी के आईपी कॉलेज से बीकॉम ऑनर्स की डिग्री हासिल की। हैदराबाद के आईबीएस कॉलेज से एमबीए की डिग्री प्राप्त की। फिर 2013 में एमबीए करने के बाद आईटीसी होटल व एक अन्य अर्धसरकारी संस्था में नौकरी की।
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स्वीटी उपाध्याय के पिता संतशरण उपाध्याय और मां साधना के साथ छोटा भाई यश और बहन समृद्धि अधिवक्ता हैं। स्वीटी ने बताया कि माता-पिता उनके आदर्श हैं। तैयारी के दौरान उन्होंने हमेशा धैर्य रखने और आत्मविश्वास के साथ निरंतर अध्ययन करने प्रेरित किया। तैयारी के दौरान खुद को तरोताजा रखने के लिए योग और जिम में वर्कआउट में अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया। कुकिंग के जरिए अपनी रुचि को जारी रखा। सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी में जुटे अभ्यर्थियों के लिए उन्होंने कहा कि मैंने कोचिंग से ज्यादा सेल्फ स्टडी पर अधिक ध्यान दिया। वर्तमान में नेट सभी प्रकार का स्टडी मैटेरियल उपलब्ध है। ऐसे में कोचिंग की दौड़ व्यर्थ है। रोजाना पांच से छह घंटे भी पढ़ें, लेकिन एकाग्रता के साथ। निरंतर एकाग्रता से की गई पढ़ाई के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। स्वीटी ने दर्शनशास्त्र को अपने वैकल्पिक विषय के रूप में चुना।
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