रिटायर्ड अफसरों और हाईप्रोफाइल लोगों को ठगने वाला कुनबा हुआ बेनकाब
गाजियाबाद। साइबर सेल व साहिबाबाद पुलिस ने नौकरी के नाम पर रिटायर्ड अधिकारियों और हाईप्रोफाइल लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले कुनबे को बेनकाब हुए मथुरा निवासी जीजा-साले को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पावर फाइनेंस कार्पोरेशन के रिटायर्ड एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुरेश चंद्रा को अपना निशाना बनाया। उन्हें टाटा पावर में डायरेक्टर की जॉब का झांसा देकर आरोपियों ने 39 लाख रुपये ठग लिए। उनके कब्जे से चेक बुक, पांच मोबाइल और कार बरामद हुई है। पुलिस का कहना है कि ठग कुनबे से जुड़े दंपती 10 लाख की ठगी के मामले में पहले से ही गौतमबुद्धनगर जेल में बंद हैं। पुलिस ने उन्हें भी इस मामले में आरोपी बनाया है।
साइबर सेल केनोडल अधिकारी एवं सीओ प्रथम अभय कुमार मिश्र ने बताया कि रिटायर्ड अधिकारी से नौकरी के नाम पर 39 लाख रुपये ठगने के मामले में सोनवीर उर्फ सोनू निवासी राधा रानी मंदिर राया मथुरा और उसके साले अजीत निवासी गांव नंगला तेजा थाना जमुनापार मथुरा को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी नौकरी के नाम पर ठगी के लिए हाईप्रोफाइल लोगों तथा रिटायर्ड अधिकारियों को टारगेट करते हैं। आरोपियों ने ठगी के गैंग में कुनबे के लोगों को ही शामिल कर रखा है, जिसमें सोनवीर का भाई श्याम सुंदर व भाभी सोनिया भी शामिल है। श्याम सुंदर व सोनिया को गौतमबुद्धनगर पुलिस 10 लाख की ठगी के मामले में अगस्त 2020 में ही जेल भेज चुकी है। सीओ अभय मिश्र ने बताया कि रिटायर्ड अधिकारी से 39 लाख की ठगी में श्याम सुंदर और सोनिया भी शामिल थी, लिहाजा मुकदमे में उन्हें भी शामिल किया गया है। आरोपियों ने लग्जरी कार खरीदने व अन्य कार्यों में इस रकम को खर्च किया।
पिछले साल अगस्त से सितंबर तक वसूले 39 लाख
साहिबाबाद थानाक्षेत्र के सेक्टर-5, राजेंद्र नगर वृंदावन गार्डन निवासी सुरेश चंद्रा पावर फाइनेंस कार्पोरेशन (भारत सरकार का उपक्रम) से रिटायर्ड एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। अगस्त 2020 में रिटायरमेंट के बाद भी नौकरी जारी रखने के लिए पावर के क्षेत्र में प्रतिष्ठित पदों पर आवेदन किया था। अगस्त 2020 में उनके पास एक नंबर से कॉल आई। कॉलर ने खुद को जॉब दिलाने वाली एजेंसी से बताते हुए उन्हें टाटा पावर में डायरेक्टर पद के लिए अर्ह बताया था। हालांकि, इसकी एवज में उन्होंने सुविधा शुल्क की मांग की थी। आरोपियों ने पिछले साल अगस्त से सितंबर तक सुरेश चंद्रा से 39 लाख रुपये हड़प लिए।
देश-विदेश में नौकरी का देते हैं झांसा
सीओ ने बताया कि ठग कुनबा नियोक्ता (नौकरी देने वाला) बनकर जॉब दिलाने वाली एजेंसियों से आवेदकों का डाटा ले लेते थे। वह सिर्फ उन लोगों को टारगेट करते थे जो या तो हाईप्रोफाइल होते हैं या किसी बड़े पद से रिटायर होकर बड़े ओहदे पर नौकरी की तलाश करते हैं। ठग कुनबा भारत ही नहीं, देश-विदेश में भी नौकरी का झांसा देकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये ठग चुके हैं।
किराए के खातों में मंगाते हैं रकम
पुलिस के मुताबिक, श्याम सुंदर के जेल जाने के बाद उसके भाई सोनवीर ने गैंग का जिम्मा संभाल लिया। सोनवीर टारगेट तलाशता था, जबकि उसका साला अजीत उन खातेधारकों को लेकर आता था, जो किराए पर अपना अकाउंट चलाने के लिए सहमत होते थे। गैंग इन्हीं किराए के खातों में रकम मंगाता था। खाते में रकम आते ही गैंग के सदस्य आननफानन उसे निकाल लेता। रिटायर्ड अधिकारी से ठगे 39 लाख रुपये भी इसी तरह के चार खातों में मंगाए गए थे। 2016 में आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे एक खाते में 91 लाख की ट्रांजेक्शन मिली है। यह खाता आगरा निवासी व्यक्ति के नाम था।
मोबाइल से ट्रेस हुए आरोपी
आमतौर पर कुछ लोगों को शिकार बनाने के बाद आरोपी मोबाइल व सिम निकालकर फेंक देते थे, लेकिन रिटायर्ड अधिकारी से बातचीत के दौरान जो मोबाइल इस्तेमाल किया गया, वह थोड़ा महंगा था। जिसके चलते सिम तो तोड़कर फेंक दिया गया, लेकिन मोबाइल वही इस्तेमाल किया। पुलिस उसी मोबाइल के जरिये ठग कुनबे तक पहुंच गई। सीओ अभय कुमार मिश्र का कहना है कि गौतमबुद्ध नगर जेल में बंद श्याम सुंदर और सोनिया को भी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।