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वीडीओ की नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों ठगे, लेखपाल समेत पांच पर केस

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वीडीओ की नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों ठगे, लेखपाल समेत 5 पर केस
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गाजियाबाद। ग्राम विकास अधिकारी (वीडियो) के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों की ठगी का मामला सामने आया है। मामले में कविनगर पुलिस ने डीजीपी के आदेश पर मुजफ्फरनगर में तैनात चकबंदी विभाग के लेखपाल तेजस्वी चौधरी समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व लूट का मामला दर्ज किया है। पुलिस लाइन में रहने वाले पुलिसकर्मी की पत्नी सुनीता ने डीजीपी को शिकायत देकर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। सुनीता का भाई राजकुमार भी चकबंदी विभाग में लेखपाल है। आरोपियों ने सुनीता की बेटी, भाई व भाई के साले समेत छह लोगों की नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। रकम मांगने जाने पर आरोपियों ने उनके भाई और भाई के दोस्त को बंधक बनाकर लूटपाट भी की।
हापुड़ के एसएसपी कार्यालय में तैनात राजकुमार का परिवार गाजियाबाद पुलिस लाइन में रहता है। उनकी पत्नी सुनीता का कहना है कि उनके भाई का नाम भी राजकुमार है और वह चकबंदी विभाग में लेखपाल हैं। भाई का दोस्त तेजस्वी चौधरी भी चकबंदी विभाग में लेखपाल है और वर्तमान में मुजफ्फरनगर में तैनात है। सुनीता के मुताबिक, 2018 में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर 15 सौ भर्तियां निकाली र्गइं थीं। इसी दौरान भाई का दोस्त तेजस्वी चौधरी अपने पिता सत्यवीर सिंह, रिश्तेदारों सोनू व हर्ष के साथ उनके घर आया और लखनऊ में अधिकारियों से सेटिंग बताकर ग्राम विकास अधिकारी के पद पर नौकरी लगवाने का दावा किया। तेजस्वी चौधरी ने कहा कि नौकरी के लिए कम से कम 10 व्यक्ति देने होंगे और प्रत्येक व्यक्ति के 15 लाख रुपये लगेंगे। सुनीता का कहना है कि तेजस्वी की बातों में आकर वह बेटी दिव्या तालान, भाई ललित कुमार व ललित के साले की नौकरी के लिए पैसे देने को तैयार हो गईं। इसके अलावा उनके तीन परिचित भी पैसे देने के लिए सहमत हो गए। आरोप है कि तेजस्वी व उसके साथियों ने दो-दो लाख रुपये एडवांस मांगे, जिसके चलते उन्होंने छह लोगों की नौकरी के लिए 10 लाख रुपये एडवांस दे दिए। पैसे मिलने के बाद आरोपी सभी छह लोगों के दस्तावेज लेकर चले गए, लेकिन भर्तियों का परिणाम आया तो किसी की नौकरी नहीं लगी।
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रकम मांगने गए तो बंधक बनाकर लूटा
सुनीता का आरोप है कि नौकरी न लगने पर तेजस्वी चौधरी से बात की तो उसने रकम लौटाने के लिए अपने गांव कन्यान थाना कांधला, शामली में बुलाया। उनका भाई ललित दोस्त को साथ लेकर वहां पहुंचा तो तेजस्वी ने अपने परिजनों व दोस्त विक्रांत के साथ मिलकर उन्हें बंधक बना लिया। रकम मांगने पर हत्या की धमकी देते हुए ललित की जेब में रखे साढ़े सात हजार रुपये लूट लिए। आरोपियों ने सिर्फ 500 रुपये देकर ललित और उसके दोस्त को वापस भेजा।
सुशील मूंछ का आदमी हूं, लाश भी नहीं मिलेगी
सुनीता का आरोप है कि जब उनका भाई ललित पैसे लेने शामली गया था तो वहां मिले तेजस्वी के दोस्त विक्रांत ने खुद को कुख्यात सुशील मूंछ का आदमी बताया था। साथ ही कहा था कि अगर रकम वापस मांगी तो लाश का भी पता नहीं चलेगा। सुनीता का आरोप है कि तेजस्वी उनके भाई का दोस्त था। लिहाजा उनके मन में जरा भी यह नहीं आया कि वह उनके साथ विश्वासघात करेगा।
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डीजीपी से शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज
सुनीता का कहना है कि उन्होंने कविनगर थाने में तहरीर दी थी, लेकिन थाना पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। जिला स्तरीय अधिकारियों से गुहार के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। थक हारकर उन्होंने डीजीपी से गुहार लगाई, जिसके बाद उनकी एफआईआर दर्ज हुई। कविनगर एसएचओ अजय कुमार का कहना है कि लेखपाल तेजस्वी चौधरी, उसके पिता सतवीर सिंह, दोस्त विक्रांत व साथियों हर्ष और मोनू के खिलाफ लूट, धोखाधड़ी व अमानत में खयानत का केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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