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कीलां के जवाब में किसानों ने लगाए पौधे

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पौधे लगाने के लिए मिट्टी डालते राकेश टिकैत। - फोटो : GHAZIABAD City
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कीलों के जवाब में किसानों ने लगाए पौधे
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साहिबाबाद। किसानों के दिल्ली कूच न करने के लिए पुलिस द्वारा लगाई गई नुकीली कील (टायर किलर) की जगह पर किसानों ने मिट्टी डालकर फूलों के पौधे बो दिए। शुक्रवार को मोदीनगर से मिट्टी मंगाई गई। राकेश टिकैत ने मिट्टी का लेवल बराबर किया और अन्य किसान नेताओं ने फूलों के बीज मिट्टी में डाले। टिकैत ने बृहस्पतिवार रात अमर उजाला से बातचीत में कहा था कि पुलिस ने जहां कीलें बोईं हैं, वहां हम फसलें बोएंगे। इसी घोषणा के तहत फूल लगाने के बाद टिकैत ने कहा कि ये फूल दिल्ली पुलिस को कांटों की याद दिलाएंगे।
गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने बताया कि यूपी गेट (गाजीपुर बार्डर) पर दिल्ली पुलिस ने कुछ दिन पहले नुकीली कीलों की प्लेट (टायर किलर) लगाई थीं। बृहस्पतिवार को मालूम हुआ कि दिल्ली पुलिस ने ही उन प्लेटों को उखड़वा लिया है। कीलों के जवाब में किसानों ने उन प्लेटों की जगह पर मिट्टी डालकर फूलों की खेती करने का निर्णय लिया था। शुक्रवार को राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, जगतार सिंह बाजवा, गौरव टिकैत, गौरव बालियान, जय मलिक, चौ. बिजेंद्र सिंह व अन्य पदाधिकारियों ने गांधीगिरी की। जिसमें किसानों ने सड़क पर लगाए गए कांटों का जवाब फूलों के बीज बो कर दिया। मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि सांकेतिक तौर पर किसानों ने बैरिकेडिंग के पास गेंदे के पौधे लगाए। यहां राकेश टिकैत ने कहा कि पुलिस हमारी राह में कांटें बो रही है और हमने फूल बोने का निर्णय लिया है। ऐसे में किसान दिल्ली से डाबर तिराहे की ओर जाने वाली सड़क के मोड़ पर पुष्प वाटिका विकसित कर रहे हैं। जिससे सड़क के किनारे पड़ी गंदगी को हटाकर यहां हरा-भरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि फूलों की वाटिका दिल्ली पुलिस के कांटों की याद दिलाती रहेगी और फूल के पौधे वातावरण को सुगंधित करेंगे। राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि हो सकता है इन फूलों की सुगंध से ही कुछ अच्छा होने की शुरुआत हो जाए।
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डंपर रोकने का आरोप
किसान नेता जय मलिक ने आरोप लगाया कि वह मोदीनगर में अपने खेतों से दो डंपरों में मिट्टी लेकर आ रहे थे। डाबर तिराहे के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी है। वहां पहुंचने पर पुलिस ने जब रास्ता नहीं दिया तो वह बातचीत करने पहुंचे। इस बीच पुलिसकर्मी कई तरह से सवाल करने लगे। उन्होंने डंपर रोकने की सूचना राकेश टिकैत और अन्य पदाधिकारियों को देने की बात कही। इसके कुछ देर बाद पुलिसकर्मियों ने डंपर को जाने दिया।
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