फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यह किसान की पगड़ी और गरीब की रोटी की लड़ाई है : टिकैत

Sun, 31 Jan 2021 01:09 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के नजदीक गांवों की भूमि अब निवेशकों की पसंद बन रही है। जिले में बाहर से आने वाले निवेशक हाईवे के नजदीक ही नए उद्योग के लिए भूमि चाहते हैं। मोदीनगर में ग्राम पंचायत की खाली पड़ी भूमि पर मिनी इंडस्ट्रियल एरिया बनाने की भी योजना है। पिछले साल जिला प्रशासन ने एमएसएमई के लिए यहां 3.316 हेक्टेयर भूमि भी चिन्हित की थी। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जिले के बाहर से उद्योगों के लिए जो निवेशक जानकारी लेने आते हैं, उनकी पसंद हाईवे के नजदीक ही उद्योग शुरू करने की है।

विज्ञापन


शासन ने ग्राम पंचायतों की दस एकड़ या इससे अधिक खाली पड़ी भूमि पर एमएसएमई के लिए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना तैयार की थी। इसके बाद जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से सभी तहसीलों में पत्र लिखकर भूमि की जानकारी ली गई। अधिकारियों का कहना है कि केवल मोदीनगर से ही हाईवे के नजदीक लगभग तीन एकड़ भूमि की जानकारी दी गई। बाकी तहसीलों से भूमि उपलब्ध न होने की बात कही गई। इसके बाद मोदीनगर में भूमि का क्षेत्रफल बढ़ाकर पांच एकड़ करने के लिए भी एक प्रस्ताव प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन को भेजा गया था।

हाईवे से उद्योगों को मिलेगी रफ्तार
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे से जिले के उद्योगों को लाभ होगा। कनेक्टिविटी के लिहाज से निवेशक हाईवे के नजदीक ही उद्योगों के लिए जमीन की डिमांड करते हैं। अधिकारियों का कहना है कि निवेशकों को जमीन दिखाई भी जाती है, लेकिन जब तक शासन से भूमि को बढ़ाए जाने का प्रस्ताव पास नहीं होता है तब तक औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करना मुश्किल है।
विज्ञापन


दिल्ली के निवेशक कर रहे संपर्क
जिले में दिल्ली से कई निवेशक लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं। दिल्ली में सीलिंग सहित अन्य समस्याओं के चलते 12 से अधिक उद्योगों ने जिले में अपनी इकाई स्थापित करने में रूचि भी दिखाई थी। इनमें टैक्सटाइल की कुछ इंडस्ट्री भी शामिल थीं।

नए औद्योगिक क्षेत्र और ट्रांसपोर्टनगर की दरकार
जिले में अधिकांश औद्योगिक क्षेत्रों में नए उद्योगों के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पिछले काफी समय से जिले के औद्योगिक संगठन नए औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा जिले में पिछले कई साल से ट्रांसपोर्टनगर की मांग भी संगठनों द्वारा उठाई जा रही है। गाजियाबाद इंडस्ट्रीज फेडरेशन के अध्यक्ष अरूण शर्मा ने बताया कि जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उद्यमियों से रूबरू हुए थे, तब भी उनसे ट्रांसपोर्टनगर की मांग की गई थी। शहर के औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग शत-प्रतिशत इकाईयां चल रही हैं। मसूरी-गुलावटी रोड औद्योगिक क्षेत्र या ट्रोनिका सिटी में कुछ प्लॉट उपलब्ध हैं। जीडीए की मधुवन-बापूधाम में औद्योगिक प्लॉट की योजना को हाईवे का ही लाभ मिल रहा है। ऐसे में अगर मोदीनगर में औद्योगिक क्षेत्र विकसित होता है तो निवेशक निश्चित तौर पर बढ़ेंगे।

बाहर के राज्य या जिलों से आने वाले निवेशक हाईवे के नजदीक इंडस्ट्री लगाने के बाबत जानकारी लेते हैं। मोदीनगर में निवेशकों को भूमि दिखाई भी जाती है लेकिन जहां तक औद्योगिक क्षेत्र की बात है तो इस संबंध में भूमि का क्षेत्रफल बढ़ाए जाने का प्रस्ताव भेजा गया है।
विज्ञापन

- बीरेंद्र कुमार, संयुक्त आयुक्त जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें