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आईटीसी क्लेम के लिए बोगस फर्मों से खेल

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आईटीसी क्लेम के लिए बोगस फर्मों से खेल
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गाजियाबाद। जिले में टैक्स पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लेने के लिए बोगस फर्मो का खेल खूब चल रहा है। सेंट्रल जीएसटी डिपार्टमेंट ने शुक्रवार को फर्जी फर्म बनाकर 14 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी का खुलासा किया। ऐसा पहली बार नहीं है जब जिले में इस तरह की टैक्स चोरी पकड़ी गई है। इससे पहले भी वाणिज्य कर विभाग ने 11 फर्जी फर्मों का खुलासा किया था, जो फर्जी बिल-पर्चे पर करोड़ों का कारोबार कर आईटीसी क्लेम कर रकम ऐंठने का काम कर रही थीं।
राजस्व में सेंध लगा रहे शातिरों की नजर टैक्स पर मिलने इनपुट टैक्स क्रेडिट पर रहती है। इसके लिए फर्जी फर्मों को तैयार किया जाता है। बिल से खरीदे गए माल पर जो टैक्स देय होता है, उसी पर जीएसटी रिटर्न भरने से कारोबारी को इनपुट क्रेडिट टैक्स का लाभ मिलता है। जिले में कई ऐसी फर्म का भी खुलासा हो चुका है, जिनमें लोगों को ही नहीं पता कि उनके दस्तावेजों पर कोई फर्म और बैंक खाता खुला हुआ है। बावजूद इसके वाणिज्य कर और केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग बोगस फर्मों पर लगाम नहीं लगा सका है।
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बैटरी-इंवर्टर में आईटीसी क्लेम का दूसरा मामला
केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग ने बैटरी और इंवर्टर की फर्म का खुलासा कर 14 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी है। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में बुलंदशहर की दो और गाजियाबाद की एक फर्म ने पांच करोड़ रुपये की आईटीसी का दावा किया। मामले में ई-वे बिल सहित अन्य दस्तावेजों की जांच की गई तो 11 बोगस फर्मों का खुलासा हुआ। जांच में तीन फर्मों को छोड़कर किसी भी फर्म का अस्तित्व मौके पर नहीं मिला।
पंजीकरण में ढिलाई से बढ़ रही है टैक्स चोरी
वाणिज्य कर विभाग के एक पूर्व अधिकारी ने बताया कि जीएसटी में किसी फर्म का पंजीकरण ऑनलाइन माध्यम से भी कराया जा सकता है। ऐसे में अगर अधिकारी मौके पर जाकर फर्म का सत्यापन करें तो कई मामलों में फर्जी या बोगस फर्मों को शुरू होने से पहले रोका जा सकता है। फर्म को जीएसटी नंबर जारी होने के बाद फर्म का सत्यापन होना जरूरी है।
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रेड फ्लैग डीलर्स का भी होना है सत्यापन
गाजियाबाद जोन-1 में करीब 491 रेड फ्लैग डीलर्स पहचाने गए हैं। इसमें गाजियाबाद के अलावा हापुड़ के डीलर्स भी शामिल हैं। वाणिज्य कर विभाग पिछले कई महीनों से ऐसे व्यापारियों पर निगाह रख रहे हैं, जहां से टैक्स चोरी की संभावना है। इन कारोबारियों को ही रेड फ्लैग डीलर्स की श्रेणी में रखा गया है। एडिशनल कमिश्नर अरविंद कुमार ने बताया कि कारोबारियों के यहां सत्यापन का कार्य शुरू कराया जाएगा। इसके लिए सभी खंडों में टीमों को जिम्मेदारी दी गई है।
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