एनसीआर में लूटपाट करने वाले गुड मॉर्निंग गैंग का सरगना पकड़ा
गाजियाबाद। मॉर्निंग वॉक के दौरान लोगों से लूटपाट कर दिल्ली-एनसीआर में खौफ पैदा करने वाले गुड मॉर्निंग गैंग का सरगना आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। गिरफ्तार सरगना राजन उर्फ राहुल थाना मिलगेट जिला हिसार, हरियाणा की महावीर कॉलोनी का रहने वाला है। सरगना ने दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में लूटपाट की एक दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम देने की बात कबूली है। आरोपी के कब्जे से गत नवंबर माह में साहिबाबाद से लूटी गई कार, अवैध असलहा और 38 हजार रुपये बरामद हुए हैं।
सीओ द्वितीय अवनीश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार रात राजनगर सेक्टर-3 में राजन स्विफ्ट कार में अपने तीन साथियों के साथ किसी वारदात की फिराक में घूम रहा था। चेकिंग के दौरान रोकने पर आरोपी कार छोड़कर भागने लगे जिनमें से राजन को दबोच लिया गया, जबकि उसके 3 साथी फरार हो गए। राजन कुख्यात लुटेरा है। उसके ऊपर दिल्ली हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में 30 से अधिक संगीन धाराओं के मुकदमे दर्ज हैं। राजन का गिरोह मॉर्निंग वॉक करने वाले लोगों को निशाना बनाकर जेवरात और नकदी लूटता है। फरार हुए 3 बदमाशों की पहचान गुलावठी बुलंदशहर निवासी फुरकान, मोनू उर्फ मोइनुद्दीन और शहजाद के रूप में हुई है। तीनों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित कर दी गई हैं जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। सीओ ने बताया कि राजन अपने साथियों से संपर्क करने के लिए व्हाट्सअप कॉल का इस्तेमाल करता था, जिसके चलते वह ट्रेस नहीं हो पा रहा था।
नाम बदलकर पुलिस की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश
सीओ के मुताबिक पकड़े जाने पर राजन ने अपना नाम राहुल बताकर गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन तलाशी के दौरान उसके पास से बिना सिम का मोबाइल और इंटरनेट इस्तेमाल करने के लिए डोंगल मिला तो शक गहरा गया। सख्ती से पूछताछ करने पर पता चला कि वह राहुल नहीं बल्कि अंतरराज्यीय गुड मॉर्निंग गैंग का सरगना राजन है। इसके बाद पुलिस पूछताछ में उसने नोएडा, दिल्ली और गाजियाबाद में की गई लूटपाट की तमाम वारदातों की कड़ियां खोल दी।
गिरफ्तार न होता तो हिसार में कर देता हत्या
पूछताछ में राजन ने बताया कि हिसार में भागू नाम के व्यक्ति से प्लॉट के कब्जे को लेकर उसका विवाद चल रहा है। वह उसकी हत्या कर रास्ते से हटाना चाहता था। इसके लिए उसने करीब 20 दिन पहले दिल्ली के यमुना ब्रिज से आई-20 कार लूटी थी। एक-दो दिन में इसी कार से हिसार जा कर राजन और उसके गैंग के सदस्य भागू की हत्या करने वाले थे। राजन ने कविनगर, साहिबाबाद, लिंकरोड थानाक्षेत्र और दिल्ली में दर्जनों वारदातों को अंजाम देने की बात कबूली है।
कई जगह किराए पर ले रखा है आशियाना
करीब 5 साल पहले राजन और फुरकान की मुलाकात तिहाड़ जेल में हुई थी। पैरोल पर छूटने के बाद दोनों ने गुड मॉर्निंग गैंग बना लिया था। राजन और उसके गैंग के सदस्यों ने दिल्ली एनसीआर के कई स्थानों पर किराए पर कमरे ले रखे हैं। पुलिस से बचने के लिए गैंग इन्हीं कमरों का इस्तेमाल करता था। गैंग द्वारा मसूरी के अलावा दिल्ली के नांगलोई व लाडोसराय इलाके में किराए का कमरा लेने की बात सामने आई है। दिल्ली में वारदात के बाद गिरोह के सदस्य मसूरी और नोएडा गाजियाबाद में वारदात के बाद दिल्ली मैं आकर छिप जाते थे। राजन उर्फ राहुल और फुरकान समेत गैंग के अन्य सदस्य पूर्व में भी कई बार जेल जा चुके हैं। इन दोनों बदमाशों को हापुड़ और नोएडा पुलिस मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मारकर पकड़ चुकी है।
दो पत्नियों का खर्च उठाने के लिए बनाया गैंग
पुलिस के मुताबिक राजन की दो पत्नियां हैं, जिनमें से एक नेपाल की रहने वाली है। दोनों पत्नियों और परिवार का खर्च उठाने के लिए ही उसने लूटपाट कर रास्ता अपनाया और गुड मॉर्निंग गैंग बनाकर घटनाओं को अंजाम देने लगा। पुलिस का कहना है कि लूट में मिलने वाली ज्वैलरी और गाड़ियों को बेचने की जिम्मेदारी फुरकान के ऊपर रहती थी। फुरकान कई बार राजन को धोखा भी दे चुका है। लेकिन अपने काम में माहिर होने के कारण उसे साथ रखना राजन की मजबूरी बन गई थी। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटे गए जेवरात और कैश बरामद किए जाएगा।