फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विक्रम त्यागी के बाद राजनगर एक्सटेंशन से एक और कारोबारी अगवा

विज्ञापन
विज्ञापन
विक्रम त्यागी के बाद राजनगर एक्सटेंशन से एक और कारोबारी अगवा
विज्ञापन

गाजियाबाद। बिल्डर विक्रम त्यागी की तरह राजनगर एक्सटेंशन से एक और कारोबारी का कार समेत अपहरण का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक आशियाना पॉम कोर्ट सोसायटी में रहने वाले कारोबारी पराग घोष (46) मूलरूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। वह मंगलवार सुबह करीब 10 बजे कार लेकर सोसायटी से निकले और वापस नहीं लौटे। राजनगर एक्सटेंशन से एक और कारोबारी के लापता होने पर पुलिस के माथे पर एक बार फिर बल पड़ गए। कारोबारी की पत्नी ऋचा घोष की तहरीर पर केस दर्ज कर सिहानी गेट पुलिस और क्राइम ब्रांच कारोबारी की तलाश में जुट गई है।
आशियाना पॉम कोर्ट सोसायटी में रहने वाली ऋचा घोष नोएडा की एक मल्टी नेशनल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उनका कहना है कि उनके पति पराग घोष बीते मंगलवार सुबह करीब 10 बजे काम के सिलसिले में कार लेकर घर से निकले थे। दोपहर के बाद उन्होंने पति को फोन किया तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। सभी संभावित स्थानों पर खोजबीन के बाद भी पति का कोई सुराग नहीं लगा तो उन्होंने रिश्तेदारों को जानकारी दी। रातभर इंतजार के बाद भी पराग घोष का कुछ पता न चलने पर पत्नी ऋचा घोष ने पुलिस को सूचना दी। तहरीर पर सिहानी गेट पुलिस ने बुधवार को रिपोर्ट दर्ज कर कारोबारी की तलाश शुरू कर दी।
विज्ञापन

आईआईटी रुड़की में फूड कोर्ट भी चलाते हैं पराग
पराग घोष एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, लेकिन वह ग्रॉसरी के कारोबार से जुड़े हैं। इंदिरापुरम क्षेत्र में उन्होंने किराना की फ्रेंचाइजी ले रखी है। इसके अलावा वह मसाला आदि का कारोबार भी करते हैं। कारोबारी के फ्रेंड सर्किल के लोगों का कहना है कि पराग घोष रुड़की की आईटीआई में इटोपिया नाम से फूड कोर्ट भी चलाते हैं। उनके दोस्तों का कहना है कि पराग घोष किसी भी काम को छोटा या बड़ा नहीं समझते हैं।
इंदिरापुरम में एटीएम से निकाले रुपये
कारोबारी के लापता होने का पता चलते ही आनन-फानन सिहानी गेट पुलिस के अलावा कारोबारी की तलाश में क्राइम ब्रांच को भी लगा दिया गया। पुलिस ने कारोबारी के मोबाइल की सीडीआर, लोकेशन के अलावा खातों का स्टेट्स भी पता किया। इस दौरान जानकारी लगी कि कारोबारी ने मंगलवार सुबह घर से निकलने के करीब एक घंटे बाद इंदिरापुरम क्षेत्र के एक एटीएम से 47 हजार रुपये निकाले थे। वहीं, घर से निकलने के कुछ ही देर बाद उनका मोबाइल बंद हो गया, जिससे उनकी लोकेशन नहीं मिल पा रही है।
विक्रम त्यागी के साथ-साथ पराग घोष भी बने चुनौती
गत 26 जून को बिल्डर विक्रम त्यागी का राजनगर एक्सटेंशन से अपहरण हो गया था। अगले दिन उनकी खून से सनी कार मुजफ्फरनगर के तितावी थानाक्षेत्र में लावारिस हालत में खड़ी मिली थी। चार माह बाद भी पुलिस विक्रम त्यागी की तलाश में हाथ-पांव पीट रही थी कि अब कारोबारी पराग घोष के लापता होने से पुलिस में हड़कंप मच गया। कारोबारी की आखिरी लोकेशन इंदिरापुरम क्षेत्र में मिलने चलते गाजियाबाद पुलिस ने आस-पास के जनपदों समेत दिल्ली की पुलिस से भी संपर्क साधा है।
यूएस से बहन ने चलाया कैंपेन
कारोबारी पराग घोष की बहन यूएस में रहती हैं। उन्होंने भाई की बरामदगी के लिए सोशल मीडिया पर कैंपेन शुरू किया है। फेसबुक पर डाली पोस्ट में उन्होंने भाई पराग घोष को लापता बताते हुए उनकी कोई भी जानकारी लगने पर पुलिस को सूचित करने का आग्रह किया है। इसके अलावा कारोबारी के दोस्तों व परिजनों ने भी सोशल मीडिया पर फोटो शेयर कर लोगों से मदद की अपील की है।
मसूरी व पिलखुवा टोल से नहीं गुजरी कार
कारोबारी की कार दो स्थानों पर सीसीटीवी कैमर में कैद हुई है। एक तो सोसायटी से निकलते वक्त गेट पर लगे कैमरों में उनकी कार दिखाई दे रही है। दूसरी फुटेज में कार राजनगर एक्सटेंशन की सड़क पर दिखाई दी। पुलिस का कहना है कि मसूरी व पिलखुवा टोल के कैमरे चेक किए, लेकिन वहां से कारोबारी की कार नहीं निकली। इसके बाद पुलिस दिल्ली से सटे इलाकों, बस अड्डों व मेट्रो स्टेशन पर लगे कैमरे भी खंगाल रही है।
विज्ञापन

वर्जन ......
कारोबारी कार में अकेले ही निकले थे। उन्हें तलाशने की हर संभव कोशिश की जा रही है। थाना पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है। मुख्य स्थानों के सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं।
- रामानंद कुशवाहा, कार्यवाहक एसपी सिटी/एसपी ट्रैफिक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें