सहकारी आवास समिति के पूर्व सचिव समेत 5 पर केस
गाजियाबाद। विजयनगर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर अजपा परिषद सहकारी आवास समिति के पूर्व सचिव समेत पांच पर रंगदारी व धमकी देने का केस दर्ज किया है। समिति सचिव अनिल शर्मा का आरोप है कि उक्त लोगों ने फर्जी दस्तावेज व शिकायतकर्ता बनाकर ब्लैकमेल किया और अपने ऊपर पहले से दर्ज मुकदमों को वापस लेने का दबाव बनाया। गत 3 सितंबर को आरोपियों ने उन्हें रोककर हर महीने 50 लाख की रंगदारी पहुंचाने या समिति छोड़कर भागने की नसीहत दी। ऐसा न करने पर गोलियों से छलनी करने की धमकी दी। सचिव का आरोप है कि पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
अनिल शर्मा के मुताबिक वह अजपा परिषद सहकारी आवास समिति सेक्टर-11 वसुंधरा के सचिव हैं। समिति का मुख्य कार्यालय नवयुग मार्केट द्वितीय तल पर है। समिति का कार्य समिति सदस्यों को लागत मात्र की कीमत पर आवासीय भवन व फ्लैट आवंटित कराना है। समिति के संचालन लिए 5 वर्ष के लिए प्रबंध कमेटी का गठन किया जाता है। 22 फरवरी 2015 को प्रबंध कमेटी का चुनाव हुआ। आरोप है कि समिति द्वारा पूर्व सदस्यों जितेंद्र कुमार निवासी आनंद विहार दिल्ली तथा पवन अग्रवाल निवासी मयूर विहार दिल्ली को निष्कासित किया जा चुका था। इन दोनों ने अपने अन्य साथी ज्ञानप्रकाश अग्रवाल निवासी आनंद विहार के साथ साठगांठ करते फर्जी मतदाता सूची तैयार कर उनमें तत्कालीन अध्यक्ष अनार सिंह के फर्जी हस्ताक्षर किए और फर्जी मुहर बनाकर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। इस संबंध में समिति की तरफ से पूर्व सचिव पवन अग्रवाल आदि के खिलाफ इंदिरापुरम थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। अनिल शर्मा का कहना है कि 16 दिसंबर 2013 को ज्ञानप्रकाश अग्रवाल ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर समिति के सचिव नरेंद्र तोमर की दिनदहाड़े गोलियां बरसाकर हत्या कर दी। इस संबंध में नगर कोतवाली में केस दर्ज है। आरोप है कि उक्त लोग समिति की आय को हड़पने तथा मुकदमे वापस लेने का दबाव बनाने के लिए समिति की फर्जी शिकायतें कराते हैं। उक्त लोगों ने एक गैंग बना रखा है। इंदिरापुरम थाने का हिस्ट्रीशीटर ज्ञानप्रकाश अग्रवाल इस गैंग का सरगना है। ज्ञानप्रकाश की पत्नी सुमन अग्रवाल, जितेंद्र कुमार, पवन अग्रवाल तथा किशन कुमार निवासी गांधी पार्क अलीगढ़ इस गैंग के सदस्य हैं। उक्त सभी लोग फर्जी शिकायतें कर पुराने केसों को वापस लेने व रंगदारी देने का दबाव डालते हैं।
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हर महीने 50 लाख दो या समिति छोड़कर चले जाओ
अनिल शर्मा का कहना है कि गत 3 सितंबर को वह अपनी कार से नवयुग मार्केट से ग्रेटर नोएडा जा रहे थे। एनएच-9 स्थित एबीएस कट के पास एक कार ने ओवरटेक करके उन्हें रोक लिया। इसके बाद कार से उतरे ज्ञानप्रकाश अग्रवाल व उसके साथियों ने उन्हें गन प्वाइंट पर लेकर हर महीने 50 लाख रुपये पहुंचाने या फिर समिति छोड़कर भागने की नसीहत दी। ऐसा न करने पर पूर्व सचिव नरेंद्र तोमर की तरह गोलियों से छलनी करने की धमकी दी। एसएचओ विजयनगर महावीर सिंह चौहान का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।