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300 झुग्गियाें में आग से फटे सिलिंडर, जिंदा जली मासूम

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300 झुग्गियाें में आग से फटे सिलिंडर, जिंदा जली मासूम
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गाजियाबाद। सिहानी गांव में लाजवंती फार्म हाउस के पीछे बसी 300 झुग्गियां सोमवार को अचानक आग लगने से जलकर राख हो गईं। इन झुग्गियों में दोपहर करीब साढ़े तीन बजे हुए भीषण अग्निकांड में आसाम निवासी मोहम्मद हैदर अली की ढाई साल की बेटी आशिया जिंदा जल गई, जबकि 10 से अधिक महिला-पुरूष व बच्चे झुलस गए। झुग्गियों में रखे कई सिलिंडर फटने से आग की लपटें और भयावह हो गईं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। लोगों में भगदड़ मच गई। सूचना पर पुलिस-प्रशासनिक के अधिकारी मौके पर पहुंचे। दमकल की 12 गाड़ियों ने ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रशासन ने जमीन मालिकों को नोटिस देकर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आसाम और पश्चिम बंगाल के रहने वाले सैकड़ों परिवार सिहानी गांव में बसी इन अवैध झुग्गियों में दशकों से रह रहे हैं। प्लास्टिक व अन्य कबाड़ बीनकर यह अपनी आजीविका चलाते हैं। झुग्गी में रहने वाले मिनहाजुल इस्लाम ने बताया कि खाली पड़ी कई बीघा जमीन में करीब 450 सौ झुग्गियां बनी हैं। एक झुग्गी में उन्होंने अपनी एक अस्थायी मस्जिद बना रखी है। सोमवार को इसी मस्जिद के किनारे आग की चिंगारी भड़की थी, जिसने हवा के झोंके के साथ झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया। झुग्गियों के बीच ही वहां के लोगों ने मांस-मछली, परचून की दुकान खोल रखी थीं। साथ ही कचरे के दर्जनों गोदाम भी थे। आग की चपेट में आकर 300 झुग्गियों के अलावा करीब तीन दर्जन गोदाम और छोटी-बड़ी दुकान भी जलकर राख हो गईं।
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परिवार की आंखों के आगे जिंदा जल गई मासूम
आसाम के जिला बरपड़ा निवासी मोहम्मद हैदर अली ने बताया कि परिवार में पत्नी गुलजान बेगम के अलावा चार बच्चे हैं। आशिया समेत दो बेटियां उसके साथ झुग्गी में रहती थीं, जबकि दोनों बेटे आसाम में रहते हैं। उसकी झुग्गी अस्थायी रूप से बनाई गई मस्जिद के सामने थी। उसका भाई मोहदुल अली भी अपने परिवार के साथ पड़ोस की झुग्गी में रहता है। हैदर ने बताया कि दोनों भाई झुग्गियों के बीच परचून और मांस-मछली की दुकान चलाते हैं। आग ने सबसे पहले उन्हीं की झुग्गियों को चपेट में लिया। उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों को झुग्गियों से निकाल लिया लेकिन उनकी मासूम बेटी आशिया उनकी आंखों के आगे जिंदा जल गई।
आशियाना बचाने को बाल्टी-लोटा लेकर दौड़े लोग
झुग्गियों में रहने वाले लोगों का कहना है कि जैसे ही आग लगी, वैसे ही सभी लोग बाल्टी-लोटा आदि में पानी भरकर आग बुझाने के लिए दौड़ पड़े। लोगों ने मिट्टी डालकर भी आग को काबू करने का प्रयास किया लेकिन आग इतनी विकराल थी कि वे उस पर काबू नहीं पा सके। हालांकि, इस दौरान लोगों ने सबमर्सिबल पंप चलाकर भी पानी की बौछार की लेकिन भीषण आग के आगे वह भी नाकाम साबित हुई। जब दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं तो आग पर काबू पाया गया।
गैस सिलेंडर और प्लास्टिक से बेकाबू हुई आग
झुग्गियों में रहने वाले सभी लोग कूड़ा-कचरा बीनने का काम करते हैं। झुग्गियों के बीच ही उन्होंने दर्जनों गोदाम बना रखे हैं, जिसमें प्लास्टिक व अन्य कचरा इकट्ठा होता है। गोदामों में भरी इसी प्लास्टिक ने ऐसी आग पकड़ी कि वह बेकाबू होती चली गई। इसके अलावा झुग्गियों में रखे घरेलू सिलेंडर भी आग लगने से फटते गए, जिन्होंने स्थिति और भयावह कर दी। जिसकी वजह से झुज्गियों में रखा घरेलू सामान चलकर राख हो गया।
कोट
जमीन मालिकों को चिन्हित कर लिया गया है। उन्हें नोटिस भेजकर जवाब-तलब किया जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आग के दौरान एक बच्ची के मौत होने की जानकारी मिली है। अन्य के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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- आदित्य प्रजापति, एसडीएम सदर
करीब पौने चार बजे आग लगने की सूचना मिली थी। दो घंटे की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। इस दौरान वैशाली, साहिबाबाद और नगर कोतवाली से दमकल की 12 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया था। आग लगने के कारण का पता लगाया जा रहा है।
- सुनील कुमार सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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