कौशांबी थाना पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान एक शूट बूटिड गले में सरकारी महकमे का कार्ड डाले व्यक्ति को रोका तो वह चकमा देकर निकल बचने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने दोबारा रोक जानकारी की। व्यक्ति ने खुद को आईआरएस अधिकारी होने का हवाला दिया। पुलिस ने कार्ड चेक किया तो उस पर सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर व दिनांक नहीं थी। पुलिस के सख्ती से पेश आने पर आरोपी ने अपने फर्जीवाड़े और फर्जी अधिकारी होने की बात बता दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज किया।
कार्ड दिखाकर बचकर निकलने का किया प्रयास
एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि वैशाली चौकी प्रभारी प्रीति वैशाली क्षेत्र में चेकिंग कर रही थीं। महालक्ष्मी टॉवर के पास व्यक्ति को दोबारा रोककर पूछताछ तो व्यक्ति ने बताया कि मेरा नाम आदित्य रॉय है और भारत सरकार में आइआरएस हूं। मैं आप लोगों को देखकर भाग नहीं रहा था और अपना कार्ड दिखाया। कार्ड पर भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग का उल्लेख था। सेंट्रल जोन के चीफ कमीश्नर नई दिल्ली की ओर से कार्ड जारी होने हवाला दिया। पुलिस टीम ने कार्ड चेक किया तो उस पर कार्ड जारी करने वाले हस्ताक्षर और दिनांक नहीं थी।
रौब दिखाकर करता था धोखाधड़ी
पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो व्यक्ति ने बताया कि वह पुलिस को देखकर इसलिए भाग रहा था कि उसका कार्ड फर्जी है। वह कोई आईआरएस अधिकारी नहीं है। कार्ड दिखाकर ही आइआरएस पद का रौब झाड़ता है। लोगों को प्रभाव में लेकर धोखाधड़ी करता है और लाभ प्राप्त करता है। आरेापी की स्पष्ट पहचान 28 वर्षीय आदित्य राय पुत्र महेश सिंह निवासी ग्राम मल्हीपुर थाना भगवानपुर जिला बेगूसराय के रूप में हुई। तलाशी लेने पर आरोपी के पास 150 रुपये, एक मोबाइल बरामद हुआ।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी पर आइपीसी की धारा कपटपूर्ण आशय से लोक सेवक के उपयोग की पोशाक प्रयोग करने(धारा171), मिथ्यापूर्ण, झूठे, फर्जीप्रमाण पत्र का प्रयोग करने(धारा 198), धोखाधड़ी (धारा420) में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी से पूछताछ कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।