दूसरी तरफ, पीड़ित परिवार ने मामले में दो अन्य लोगों के शामिल होने की आशंका जताते हुए उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। छोटे हरिद्वार (मुरादनगर) में बेटी के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कर लौटे पिता ने आरोपियों को फांसी देने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे भविष्य में किसी और बेटी के साथ ऐसा कृत्य न हो।
इसी जगह से बच्ची को हत्या के बाद नीचे फेंका गया
- फोटो : अमर उजाला
डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि अब तक जांच में दो आरोपियों शहाबुद्दीन और विनय कुमार की संलिप्तता सामने आई है। विनय बिहार और शहाबुद्दीन ओडिशा का रहने वाला है। अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
भाई को समोसा खिलाया, बहन को साथ ले गए
बच्ची के पिता ने बताया कि वारदात के बाद 10 वर्षीय बड़े बेटे ने जानकारी दी कि दोनों आरोपी करीब 10 दिन से बच्चों के संपर्क में थे। वे बीच-बीच में उन्हें खाने का सामान भी दिलाते थे। शुक्रवार को भी आरोपी ने बच्ची और उसके भाई को समोसा खिलाया। बच्ची की मां जब काम पूरा कर गार्ड के पास लौट रही थी, उस समय तीनों बच्चे झुग्गियों के पास खेल रहे थे।
इसी दौरान एक आरोपी बच्ची के भाई को बहाने से दुकान पर ले गया और करीब 15 मिनट तक उसे बैठाकर समोसा खिलाता रहा। इसके बाद उसे घर जाने के लिए कह दिया और बच्ची को अपने साथ ले गया। दुकान चलाने वाले युवक ने भी इसकी पुष्टि की है। पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में शाम 7:40 बजे आरोपी बच्ची के साथ दिखाई दे रहे हैं।
एक-दूसरे पर डाल रहे लापरवाही की जिम्मेदारी
निर्माणाधीन मॉल और झुग्गियों के बीच की दूरी 50 मीटर से भी कम है। काम करने वाले लोगों के अनुसार शुक्रवार रात मॉल में नाइट शिफ्ट नहीं थी। दुकान संचालक ने बताया कि रात की शिफ्ट में ही खाने के ऑर्डर आते हैं, लेकिन उस दिन कोई ऑर्डर नहीं था। आरोप है कि इसके बावजूद आरोपी बच्ची को लेकर मॉल के अंदर पहुंच गए। आरोपी जिस रास्ते से ऊपर गए, वहां सुरक्षा गार्ड तैनात था।
परिवार ने गार्ड की लापरवाही को लेकर सवाल उठाए हैं। सिक्योरिटी इंचार्ज अरुण कुमार ने बताया कि मॉल में दिन और रात की शिफ्ट में 23-23 गार्ड तैनात रहते हैं। साथ ही 8-10 कैमरे लगे हुए हैं। हालांकि, उन्होंने लापरवाही की जिम्मेदारी मेंटेनेंस टीम पर डाल दी। वहीं, मॉल के मेंटेनेंस इंचार्ज दिनेश प्रताप ने कहा कि वह कभी-कभी ही साइट पर आते हैं, इसलिए इस बारे में जानकारी नहीं है।
सत्यापन छोड़िए, यह भी नहीं मालूम कि कब से काम कर रहे थे आरोपी
वारदात को अंजाम देने वाले शहाबुद्दीन और विनय का पुलिस सत्यापन तक नहीं कराया गया था। प्रबंधन के पास यह जानकारी भी नहीं है कि दोनों आरोपी साइट पर कब से काम कर रहे थे। बच्ची के पिता के अनुसार, दोनों आरोपी 10 से 15 दिन पहले ही यहां आए थे। सिक्योरिटी इंचार्ज ने भी इसकी जानकारी होने से इन्कार किया और सत्यापन की जिम्मेदारी ठेकेदार पर डाल दी।
निर्माणाधीन मॉल में शर्मनाक वारदात, घटनास्थल
- फोटो : पीटीआई
दीवारों से लेकर फर्श तक संघर्ष के संकेत
मॉल के तीसरे तल पर जिस कमरे में बच्ची के साथ दरिंदगी की गई, वहां दीवारों पर कई जगह खून के छींटे मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि बच्ची ने आरोपियों का विरोध किया और इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई। कमरे में कई जगह खून के निशान मिले हैं, उससे भी संघर्ष के संकेत मिल रहे हैं।
कमरे से कुछ दूरी पर लिफ्ट से छोड़ी गई खाली जगह में सरिये निकले हुए थे। आशंका है कि आरोपियों ने पाइप से सिर पर वार कर बच्ची की हत्या की और शव को वहां से नीचे फेंक दिया। बच्ची का शव बेसमेंट-3 में मिला था।