जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एनएच 58, पाइपलाइन रोड तथा मेरठ तिराहा से आनंद विहार की ओर जाने वाले प्रमुख कांवड़ मार्गों पर चयनित स्थानों पर चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में प्राथमिक उपचार के लिए सभी आवश्यक दवाएं और चिकित्सा सामग्री उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा कांवड़ मार्ग पर 24 मोबाइल मेडिकल टीमें भी लगातार भ्रमण करेंगी, जिससे आवश्यकता पड़ने पर मौके पर ही चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। प्रसिद्ध दूधेश्वरनाथ मंदिर परिसर में भी 24 घंटे चिकित्सा शिविर और एंबुलेंस की सुविधा रहेगी।
कांवड़ मेले के नोडल अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि मुरादनगर, मोदीनगर सहित कांवड़ मार्ग पर स्थित नौ सरकारी और 20 निजी अस्पतालों को इस व्यवस्था से जोड़ा गया है। इनमें सरकारी अस्पतालों में 120 और निजी अस्पतालों में 130 बेड आरक्षित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 65 एंबुलेंस भी चौबीसों घंटे तैनात रहेंगी। इनमें 40 सरकारी और 25 निजी एंबुलेंस शामिल हैं, जो कांवड़ मार्ग और प्रमुख पड़ावों पर जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तुरंत अस्पताल पहुंचाने का कार्य करेंगी।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अमित विक्रम ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा शिविरों में आवश्यक दवाओं की भी पर्याप्त व्यवस्था की है। इनमें बुखार, संक्रमण और दर्द से संबंधित दवाओं के साथ ओआरएस, आईवी फ्लूइड, बीटाडीन लोशन, बैंडेज और दर्द निवारक स्प्रे उपलब्ध रहेंगे। वहीं चिह्नित स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम, एंटी रेबीज वैक्सीन और एंटी टिटनेस वैक्सीन भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि सांप काटने, पशु के काटने या अन्य आपात स्थितियों में तत्काल उपचार दिया जा सके। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी व्यवस्थाएं समय से पहले पूरी कर ली जाएंगी।