हादसे के चश्मदीद आयुष ने पुलिस को बताया कि सूर्या ने गले मिलकर असद को ईद की बधाई दी थी। इसके बाद असद ने दोस्त सूर्या के पेट में चाकू घोंप दिया। इससे पहले असद अपने साथ सूर्या को बकरा हलाल करने के लिए घर ले जाना चाहता था, लेकिन उसने इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और असद ने सूर्या को गली में सुनसान स्थान पर ले जाकर वारदात की।
मृतक के भाई यश चौहान ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका परिवार मूलरूप से एटा के सुखवाबाद का रहने वाला है और खोड़ा में मां, बहन और भाई सूर्या के साथ रहता है। पिता कौशलेंद्र का पहले ही निधन हो चुका है। सूर्या 11वीं का छात्र था।
बृहस्पतिवार को सूर्या अपने दो दोस्तों विक्की और आयुष के साथ घर के पास घूम रहा था। उसी दौरान असद ने सूर्या को फोन कर बकरीद पर मिलने के लिए गली नंबर दो में बुलाया। सूर्या अपने दोस्तों के साथ असद के घर की ओर चल दिया।
असद बोला- बकरा हलाल होते देखा है
शिकायत के अनुसार असद अपने साथियों के साथ केले के गोदाम के पास खड़ा था। उसने सूर्या से कहा कि कभी बकरा हलाल होते देखा है। सूर्या ने मना किया तो असद ने कहा कि आओ आज तुम्हें दिखाते हैं। सूर्या ने फिर इनकार किया और वहां से लौटने लगा। इसी बात पर असद ने गाली-गलौज शुरू कर दी और सूर्या के विरोध करने पर चाकू निकालकर उसके पेट में घोंप दिया।
चाकू लगने के बाद सूर्या ने असद को धक्का देकर छुड़ाया, लेकिन चाकू पेट में ही फंसा रह गया। वह पेट में चाकू लेकर करीब 200 मीटर तक भागा और फिर गिर पड़ा। आरोप है कि पीछा करते हुए आए असद और उसके साथियों ने सूर्या के पेट से चाकू निकालकर उस पर पांच-छह बार फिर हमला किया। सूर्या बेसुध हो गया और आरोपी मौके से भाग गए।
घटना की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और सूर्या को पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर उसे नोएडा के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे सूर्या ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
पुलिस कार्रवाई और विरोध
एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि भाई यश की तहरीर पर बृहस्पतिवार रात असद समेत अन्य के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया गया था। सूर्या की मौत के बाद धाराओं को हत्या में तरमीम कर दिया गया है। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, लेकिन मुख्य आरोपी असद अभी गिरफ्त से बाहर है।
घटना के बाद हिंदू संगठनों के पदाधिकारी भी खोड़ा थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
आठ माह पहले भी हुआ था विवाद
मकान मालिक विनीत ने बताया कि सूर्या और असद झगड़े के बाद से एक साथ रहने लगे थे। पहले असद उन्हीं की गली में रहता था, लेकिन उसका परिवार मकान बेचकर थोड़ी दूर गली में रहने लगा था। आठ माह पहले विवाद के बाद दोनों की ओर से मामला पूरी तरह निपट गया था। असद अक्सर उन्हीं की गली के आसपास दोस्तों के साथ घूमता रहता था।