टैक्स के नाम पर लूट भी होगी खत्म
हाउस टैक्स के नाम पर नगर निगम के पांचों जोन में ‘लूट’ हो रही है। फैक्टरियों, फ्लैटों, व्यावसायिक संस्थानों पर टैक्स निर्धारण में खेल किया जा रहा था। जोन की ओर से नए संस्थानों को 8 से 10 साल पहले तक का टैक्स जोड़कर बिल भेजा जाता था। यह रकम लाखों में होती थी।
इसके बाद सेटिंग का खेल किया जाता था। पैसा लेकर निगम के अधिकारी टैक्स का निर्धारण करंट साल से कर देते थे। भवन मालिक को होने वाले फायदे वाली रकम में से आधा-आधा बांट लिया जाता था। निगम का यह निर्णय भ्रष्टाचार लगाम की कोशिश है।