कोरोना महामारी के कारण पैदा हुए ऑक्सीजन संकट से पूरा देश जूझ रहा है। ऑक्सीजन के लिए चारों तरफ मारामारी मची हुई है। इन सब के बीच मोदीनगर के अबूपुर स्थित एमबीएस इंडिया ने युद्घस्तर पर काम कर बीस दिन में आक्सीजन उत्पादन करने वाला प्लांट तैयार कर दिया है।
कोरोना महामारी के कारण पैदा हुए ऑक्सीजन संकट से पूरा देश जूझ रहा है। ऑक्सीजन के लिए चारों तरफ मारामारी मची हुई है। इन सब के बीच मोदीनगर के अबूपुर स्थित एमबीएस इंडिया ने युद्घस्तर पर काम कर बीस दिन में आक्सीजन उत्पादन करने वाला प्लांट तैयार कर दिया है। प्लांट का सफल परीक्षण हो चुका है। प्लांट सप्ताहभर में महाराष्ट्र पहुंच जाएगा। ये प्लांट 95 प्रतिशत तक शुद्घ ऑक्सीजन का उत्पादन करता है। यह एक दिन में 170 जंबों सिलिंडर को रीफिल करेगा।
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इसके अलावा कई राज्य सरकारों के आर्डर पर एक दर्जन प्लांट और बनाए जा रहे हैं, जो अगले 20 से 25 दिन में तैयार हो जाएंगे। इसके अलावा कंपनी ने 50 आक्सीजन कन्संट्रेटर भी बनाए हैं। जिनकी डिलीवरी बुधवार तक हो जाएगी। कंपनी ने दावा किया कि स्थानीय प्रशासन को भी ऑक्सीजन प्लांट तथा कन्संट्रेटर देने की पेशकश की गई थी। मगर प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक जबाव नहीं मिला।
दिल्ली-मेरठ मार्ग पर अबूपुर स्थित एमबीएस इंडिया कंपनी करीब तीन दशक से मेडिकल उपयोग में आने वाले यंत्र बनाती है। कंपनी के एमडी डॉ. संदीप रूहेला ने बताया कि कोरोना संक्रमण से उपजे हालात को देखते हुए उन्होंने ऑक्सीजन प्लांट बनाने पर काम शुरू किया।
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कंपनी ने बीस दिन में ऑक्सीजन उत्पादन करने वाला प्लांट तैयार कर दिया। प्लांट का सफल परीक्षण हो चुका है। प्लांट महाराष्ट्र सरकार के आर्डर पर तैयार किया गया है। इसे अगले सप्ताह तक महाराष्ट्र में स्थापित कर दिया जाएगा।
बताया कि यह 95 प्रतिशत का शुद्ध ऑक्सीजन का उत्पादन करेगा। जहां प्रतिदन 170 सिलिंडर रिफिल हो सकें। इसके अलावा कंपनी ने वेंटिलेटर भी तैयार किए हैं। वहीं 50 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर भी तैयार हैं। महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश तथा राजस्थान सरकारों के आर्डर पर 12 ऑक्सीजन प्लांट तैयार किए जा रहें हैं।
उन्होंने बताया कि 50 से 60 एनएम क्यूब के प्लांट को लगाने के लिए आठ वर्ग गज जगह की आवश्यकता होती है। प्लांट की कीमत सवा करोड़ से डेढ़ करोड़ रुपये के बीच है। उन्होंने बताया कि कोरोना के कारण बंद हो चुके करीब आधा दर्जन उद्योगों के कर्मचारियों को ट्रेंड कर ऑक्सीजन प्लांट बनाने में लगाया था। जिससे उन्हें भी नया रोजगार मिल गया। संवाद