सीएफओ सुनील सिंह ने बताया कि प्लांट की ओर से एनओसी के लिए आवेदन किया गया था। इस दौरान यहां पर मानक पूरे नहीं होने पर तीन बार नोटिस दिया गया। इसके बाद भी यहां पर न तो रेस्क्यू उपकरण और न ही फायर फाइटिंग सिस्टम समेत अन्य मानकों को पूरा किया गया।
गाजियाबाद के साहिबाबाद में अमोनिया गैस के रिसाव के दौरान आसपास की करीब आठ से दस फैक्टरियों को पुलिस ने माइक से अनाउंसमेंट करा कर खाली कराया। उधर, गैस रिसाव के बाद सीएफओ सुनील सिंह ने डीएम को पत्र लिखकर कार्रवाई कराने की मांग की है। प्लांट को तीन बार नोटिस भेजे जाने के बाद भी फायर फाइटिंग उपकरण और रेस्क्यू उपकरणों को सही नहीं कराया गया।
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सीएफओ सुनील सिंह ने बताया कि प्लांट की ओर से एनओसी के लिए आवेदन किया गया था। इस दौरान यहां पर मानक पूरे नहीं होने पर तीन बार नोटिस दिया गया। इसके बाद भी यहां पर न तो रेस्क्यू उपकरण और न ही फायर फाइटिंग सिस्टम समेत अन्य मानकों को पूरा किया गया।
घटना के बाद उपनिदेशक फायर अमन शर्मा ने सीएफओ से पूरे मामले में जानकारी ली। साथ ही अपने कर्मचारियों का हाल जाना। वहीं, प्लांट के डिप्टी मैनेजर मेंटेनेंस अंकित अग्निहोत्री ने बताया कि प्रेशर बनाने के दौरान वॉल्व लीक होने से गैस का रिसाव हुआ था। इस दौरान मौके पर तीन ही कर्मचारी थे। जो सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए थे। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर समय से वॉल्व बंद कर गैस को रिसाव करने से रोका।
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दमकल कर्मियों ने जान पर खेलकर रोका रिसाव
सीएफओ सुनील सिंह के साथ एफएसओ साहिबाबाद योगेंद्र प्रसाद, मनवीर सिंह, पीयूष, जोगेंद्र, लीडिंग फायर मैने नेत्रपाल, फायरमैन मानसिंह ने जान पर खेलकर गैस के रिसाव को फैलने से रोका। जिससे करीब 45 मिनट में गैस के रिसाव को रोका गया। इस दौरान चार दमकलकर्मी बेहोश हो गए थे। इसके बाद सभी ने राहत की सांस ली।