कौशल विकास को छोड़, युवाओं को नहीं मिला खास
गाजियाबाद। आम बजट में युवाओं के कौशल विकास पर विशेष जोर रहा।कौशल विकास को छोड़कर युवाओं को कुछ खास नहीं मिला। बजट पर युवाओं की भी मिलीजुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। युवाओं ने सरकार की राष्ट्रीय एप्रेंटिसशिप योजना की सराहना की। योजना में युवाओं को तीन साल तक भत्ता भी मिलेगा। स्किल इंडिया डिजिटल प्रोग्राम के तहत विभिन्न राज्यों के खोले जाने वाले 30 कौशल इंडिया सेंटर में युवा शक्ति को प्रशिक्षित किया जाएगा।
वहीं पीएम कौशल विकास योजना 4.0 के तहत युवाओं को ऑन जॉब ट्रेनिंग दी जाएगी। एकलव्य स्कूलों में हजारों की संख्या में शिक्षकों और कर्मचारियों की भर्ती की योजना की युवाओं ने तारीफ की। विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय डिजिटल लाइब्रेरी खोलने, 157 नए नर्सिंग कॉलेज खोलने के साथ शिक्षकों और स्टाफ की भर्ती योजना की युवाओं ने सराहना की।
बजट में अधिकांश ऐसी योजनाओं का लाभ युवाओं को अप्रत्यक्ष रूप से मिलने की बात कही गई। 10 हजार बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर खोले जाने से अप्रत्यक्ष रूप से युवाओं को रोजगार मिलेगा। बजट में खेलों से जुड़े स्टार्टअप शुरू करने वालों की मदद के लिए कृषि एक्सीलेटर फंड बनाए जाने के निर्णय का युवाओं ने स्वागत किया। एसडी डिग्री कॉलेज में विद्यार्थी बजट के विभिन्न प्रावधानों पर चर्चा करते दिखाई दिए।
कौशल विकास पर विशेष ध्यान
एसडी कॉलेज की छात्रा कनिका ने कहा कि बजट में कौशल विकास से जुड़ी कई योजनाएं लाई गई हैं। पीएम कौशल विकास योजना में ऑन जॉब ट्रेनिंग का निर्णय सराहनीय है। राष्ट्रीय डिजिटल लाइब्रेरी खोलने की योजना से बड़ी संख्या में विद्यार्थी और शोधार्थी लाभान्वित होंगे।
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कंपनियों की मांग के अनुसार युवा होंगे तैयार
एसडी कॉलेज की छात्रा तमन्ना शर्मा ने कहा कि सरकार का कौशल विकास पर विशेष जोर है। इसी मिशन को ध्यान में रखकर देशभर में 30 कौशल इंडिया सेंटर खोलने का युवाओं को दोहरा लाभ होगा। विद्यार्थी पढ़ाई के बाद खुद को कंपनियों की मांग के अनुसार तैयार कर सकेंगे।
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आत्मनिर्भर बनाने को बजट में कई प्रावधान
एबीवीपी महानगर मंत्री गर्व त्यागी ने कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने केलिए बजट में कई प्रावधान किए गए हैं। स्किल इंडिया सेंटर हो या फिर डिजिटल लाइब्रेरी, इसका सीधा लाभ युवाओं को मिलेगा। 3.5 लाख आदिवासी छात्रों के लिए 740 एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल शुरू करने की योजना काबिले तारीफ है।
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रोजगार से ज्यादा कौशल विकास पर जोर
एमएमएच कॉलेज छात्र कपिल ने कहा कि बजट में रोजगार से ज्यादा कौशल विकास पर जोर दिया गया है। उद्योगों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है। इससे रोजगार का सृजन होगा। बेरोजगारी को कम करने के लिए कोई खास प्रावधान नहीं किए गए हैं।
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