एमएसएमई को बगैर गारंटी कर्ज और प्रशिक्षित युवा शक्ति की मिलेगी संजीवनी
गाजियाबाद। जनपद में संचालित 32 हजार उद्योगों में से करीब 30 हजार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के लिए आम बजट कई सौगातें लेकर आया है। उद्यमी संगठनों ने बजट में छोटे मझोले उद्योगों के लिए बगैर गारंटी दो लाख करोड़ के कर्ज और नई योजना में एक फीसदी कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराने के प्रावधान को सराहा। लेकिन लोन में किसी प्रकार की सब्सिडी नहीं देने पर निराशा भी जताई।
साथ ही तीन करोड़ तक के टर्नओवर वाले एमएसएमई को टैक्स में राहत दिए जाने की प्रशंसा की। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन पदाधिकारियों ने सरकार की प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 के तहत विभिन्न राज्यों में 30 नए स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर शुरू करने के कदम को एमएसएमई के लिए राहत भरा बताया। इससे जनपद में यांत्रिकी उत्पादों से जुड़ी 18500 इकाइयों को प्रशिक्षित युवा शक्ति मिल सकेगी। एमएसएमई का उत्पादन बढ़ाने और उसे बाजार तक पहुंचाने में मदद के लिए पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान पैकेज के तहत दी गई रियायतों को संगठनों ने सराहा।
सरकार की महत्वाकांक्षी एक जिला एक उत्पाद योजना को प्रोत्साहन की दिशा में बड़े शहरों में केंद्र और राज्य सरकार केसहयोग से यूनिटी मॉल शुरू करने पर उद्यमियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। गाजियाबाद इंडस्ट्रीज फेडरेशन पदाधिकारियों ने इन्वेस्टर्स समिट में निवेश करने वाली इकाइयों को बजट से कोई विशेष लाभ न होने की बात कही।
लोकल टू ग्लोबल का सपना होगा साकार
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नीरज सिंघल ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था का विकास इंजन है। सरकार ने इस बात को समझकर बजट में कई प्रावधान किए हैं। छोटे व मझोले उद्योगों को बगैर गारंटी के लोन, कौशल विकास के लिए स्किल सेंटर खोलने का लाभ होगा।
उद्योगों के लिए ब्याज में दी गई छूट नाकाफी
गाजियाबाद इंडस्ट्रीज फेडरेशन के अध्यक्ष अरुण शर्मा ने कहा कि बजट में उद्योगों केलिए बैंक ब्याज में एक प्रतिशत की छूट दी गई है, जो कि बहुत कम है। उद्योगों के लिए कम से कम दो से तीन फीसदी लोन में छूट होनी चाहिए थी। दो लाख करोड़ का लोन बढ़ाया तो गया है, पर सब्सिडी नहीं दी गई है।
प्रशिक्षित युवा शक्ति की कमी होगी दूर
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन गाजियाबाद चैप्टर के चेयरमैन राकेश अनेजा ने कहा कि बजट में उत्पादन बढ़ाने पर छूट देने की घोषणा सराहनीय है। इससे नई उद्योगों को लगाने में मदद मिलेगी। स्किल इंडिया सेंटर खोले जाने की मांग पुरानी थी। कौशल विकास योजना में योजना लाने से एमएसएमई सेक्टर की प्रशिक्षित युवा शक्ति की कमी दूर होगी।
गाजियाबाद में उद्योगों इकाइयां एक नजर में
जनपद में कुल उद्योग: 32 हजार
कुल छोटे मझोले उद्योग: 30 हजार
यांत्रिकी उत्पाद इकाइयां: 18500