रैपिड रेल के पहले खंड साहिबाबाद से दुहाई के बीच ओएचई (ओवर हेड इक्विपमेंट) वायर लगाने का काम तेज हो गया है। एनसीआरटीसी के अधिकारियों का दावा है कि अक्तूबर से रैपिड रेल ट्रैक पर बिजली आपूर्ति शुरू हो जाएगी। 25000 वोल्ट से तारों को चार्ज किया जाएगा। नवंबर से ट्रायल रन शुरू हो जाएगा।
दिल्ली मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर के पहले खंड पर तेजी से काम चल रहा है। दुहाई डिपो में दो ट्रेनें गुजरात के सांवली से पहुंच चुकी हैं। एनसीआरटीसी के प्रवक्ता पुनीत वत्स का कहना है कि दुहाई डिपो में दोनों ट्रेनों की स्टेटिक और डायनेमिक टेस्टिंग के लिए आईबीएल (इंस्पेक्शन बे लाइन) और टेस्ट टू ट्रैक को पहले ही चार्ज किया जा चुका है।
बिजली के लिए यूपीपीटीसीएल से करार
रैपिड रेल के प्रथम खंड में बिजली आपूर्ति के लिए उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड से करार किया गया है। प्रवक्ता का कहना है कि यूपीपीटीसीएल के सब स्टेशन ग्रिड से 220 केवी बिजली एनसीआरटीसी के गाजियाबाद स्थित विद्युत सब स्टेशन तक आ रही है। यहां से 25 केवी की बिजली ट्रेनों के संचालन के लिए और 33 केवी बिजली आरआरटीएस स्टेशनों की समस्त जरूरतों के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
गाजियाबाद में बनाया गया रिसीविंग सब स्टेशन
रैपिड रेल के पहले खंड को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके इसके लिए गाजियाबाद में रिसीविंग सब स्टेशन बनाया गया है। यहां 50 मेगावाट की क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। यहीं से दुहाई डिपो को बिजली सप्लाई की जा रही है।
पहले खंड में मार्च 2023 तक ट्रेन संचालन का लक्ष्य
पहले खंड में पांच स्टेशनों को बनाने का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नवंबर में ट्रायल रन के बाद मार्च 2023 से रैपिड ट्रेन का संचालन दुहाई से दिल्ली के बीच शुरू हो जाने की उम्मीद है। पांचों स्टेशनों पर रूफ शेड, प्लेटफार्म स्क्रीन डोर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। ट्रैक बिछाने, ओएचई, सिग्नलिंग और टेलीकॉम का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है।
रैपिड रेल कॉरिडोर पर एक नजर
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ - 82 किलोमीटर
25 स्टेशन
पूरे कॉरिडोर पर ट्रेनों के संचालन का लक्ष्य - 2025 तक